13 Nov 2024
By Business Team
पिछले महीने से ही शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्स-निफ्टी 52 सप्ताह के हाई से 10% टूट चुके हैं.
बुधवार को NSE का निफ्टी करीब 325 अंक लुढ़ककर 23,559.20 के निचले स्तर पर पहुंच गया.
इंडेक्स ने सितंबर 2024 में अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर 26,277.35 को छुआ था. इसी तरह, सेंसेक्स अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर 85978.25 से 9.7 प्रतिशत गिर चुका है.
BSE सेंसेक्स 984 अंक टूटकर 77,691 पर आ चुका है. एफआईआई की बिकवाली, दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजें, भू राजनीतिक टेंशन और भारतीय मु्द्रा में गिरावट से बाजार में दबाव बना हुआ है.
सितंबर के अंत से विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से लगभग 14 बिलियन डॉलर की निकासी की है.
बीएसई मिडकैप इंडेक्स अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से 11 प्रतिशत से अधिक नीचे आ चुका है, जबकि बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स भी आधिकारिक तौर पर मंदी की गिरफ्त में है. यानी की 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है.
इस भारी गिरावट से निवेशकों ने 50 लाख करोड़ रुपये तक की संपत्ति खो दी है. बुधवार, 13 नवंबर को बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 429.26 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो 27 सितंबर को 479.10 लाख करोड़ रुपये था.
मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में बियर हावी हो रहा है.
वहीं ट्रंप की जीत ने आने वाले समय के लिए महंगाई दर को बढ़ाने का संकेत दिया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी मार्केट में सर्तकता बनाए रखने की ज्यादा आवश्य है.
नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकारों की मदद जरूर लें.