18 Feb 2025
By: Deepak Chaturvedi
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में कोहराम मचा है. करीब 6 महीने से सेंसेक्स-निफ्टी लगातार गिर रहे हैं और अब तो लोग ब्लड बाथ (Bloodbath) की बात करने लगे हैं.
'ब्लड बाथ' क्या है और इसे क्यों शेयर बाजार से जोड़कर देखा जाता है? तो बता दें कि जब भी बाजार में बड़ी गिरावट आती है और ये लंबे समय तक रहती है, तो उसे ब्लड बाथ कहा जाता है.
जब Stock Market में लाल रंग गहराने लगे तो 'ब्लड बाथ' शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. खासकर भयंकर गिरावट ब्लड बाथ का उदाहरण होती है.
भारतीय बाजार में कई बार ब्लड बाथ देखने को मिले हैं. 1993 में हर्षद मेहता मामले से बाजार में हाहाकर मच गया था, जो कि इसका एक बड़ा उदाहरण है.
2008 की वैश्विक मंदी (Global Recession) भी ब्लड बाथ का एक सबूत है, जब लोगों की गाढ़ी कमाई शेयर बाजारों में डूब गई थी.
कोरोना काल के समय भी शेयर मार्केट में ब्लड बाथ का नजारा देखने को मिला था और मार्च 2020 में तो ऐसा भूचाल आया था कि सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए थे.
4 जून 2024 को भी 'ब्लड बाथ' जैसा नजारा देखने को मिला था. लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शेयर बाजार अचानक बिखर गया था.
अब एक बार फिर ब्लड बाथ की चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि शेयर बाजार में लगातार बड़ी गिरावट का दौर जारी है.
मंगलवार को शेयर बाजार में सुस्ती के साथ कारोबार शुरू हुआ और कुछ ही देर में Sensex 450 अंकों से ज्यादा, जबकि Nifty 150 अंक का गोता लगा गया.