पूरी PAK इकोनॉमी पर भारी TATA... यकीन न हो तो ये आंकड़ा देख लें 

10 Sep 2024

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पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट (Pakistan Crisis) से जूझ रहा है और IMF से लेकर मित्र देशों की मदद के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे.

Dawn की एक रिपोर्ट में प्रिंसटन के अर्थशास्त्री आतिफ मियां ने भी इस संकट पर बात करते हुए इसके पीछे के तीन बड़े कारणों का जिक्र किया है.

उन्होंने कहा है कि PAK में भारी घरेलू और विदेशी कर्ज, पेंशन देनदारियां और पावर सेक्टर का बुरा हाल, देश के बदहाल हालात के बड़े जिम्मेदार हैं.

बीते दिनों स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर जमील अहमद के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया था कि देश का बाहरी कर्ज 130 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की बात करें, तो इसे फिर से खड़ा करने की सरकार की कोशिशें भी नाकाम हो रही हैं.

हालात ये है कि पूरी Pakistan Economy इस समय भारत के सिर्फ कॉरपोरेट ग्रुप की मार्केट वैल्यू से भी कम है.

जी हां हम बात कर रहे हैं देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में शामिल टाटा ग्रुप (Tata Group) की, जो अकेला पूरे पाकिस्तान पर भारी है.

दरअसल, टाटा ग्रुप का जितना मार्केट कैपिटलाइजेशन (Tata MCap) है, पाकिस्तान की जीडीपी (Pakistan GDP) उससे भी कम है.

अगर आंकड़े देखें तो आईएमएफ के मुताबिक, फरवरी 2024 में पाकिस्तान की जीडीपी का साइज अनुमानित 341 अरब डॉलर था.

वहीं दूसरी ओर अगर टाटा ग्रुप की मार्केट वैल्यू की बात करें, तो ये आंकड़ा 365 अरब डॉलर से ज्यादा है.  

यही नहीं टाटा ग्रुप के कुल मार्केट कैप में एक बड़ा हिस्सा अकेले उसकी आईटी दिग्गज कंपनी TCS का है और ये भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल फर्म है.

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप (TCS Market Cap) 16.11 लाख करोड़ रुपये है.