27 Feb 2025
By: Deepak Chaturvedi
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो देश के तमाम राज्यों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है.
उत्तर प्रदेश हो, मध्य प्रदेश हो या फिर तेलंगाना बीते पांच सालों में इन राज्यों की देनदारियों में तगड़ा उछाल आया है, जो करीब 74% है.
साल 2019 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर कर्ज 47.9 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 83.3 लाख करोड़ रुपये हो चुका है.
बात करें, 2024 में सबसे ज्यादा कर्जदार भारतीय राज्यों की, तो इस लिस्ट में पहले पायदान पर 8.3 लाख करोड़ रुपये की देनदारी के साथ तमिलनाडु आता है.
दूसरा सबसे कर्जदार राज्य उत्तर प्रदेश है और इस पर 7.7 लाख करोड़ की देनदारी है. वहीं महाराष्ट्र 7.2 लाख करोड़ कर्ज के साथ तीसरे नंबर पर है.
अगला नंबर पश्चिम बंगाल का आता है, जो 6.6 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के साथ चौथे स्थान पर है. वहीं पांचवें पर 6 लाख करोड़ के आंकड़े के साथ कर्नाटक है.
भारत का छठा सबसे बड़ा कर्जदार राज्य राजस्थान (5.6 लाख करोड़) और सातवां आंध्र प्रदेश (4.9 लाख करोड़) है.
कर्जदार राज्यों की लिस्ट में गुजरात भी शामिल है और ये 4.7 लाख करोड़ रुपये की देनदारी के साथ आठवें पायदान पर आता है.
लिस्ट में नौंवे नंबर पर केरल है जिसपर 4.2 लाख करोड़ का कर्ज है और आखिरी 10वें नंबर पर मध्य प्रदेश 4.2 लाख करोड़ की देनदारी के साथ आता है.