फ्लाइंग कॉफिन या विडो मेकर... MiG-21 से अब किनारा कर रही भारतीय वायुसेना

6 July 2024

MiG-21 की पहली उड़ान 16 जून 1955 में सोवियत संघ में हुई थी. यह कोल्ड वॉर के जमाने का फाइटर जेट है. 

भारतीय वायुसेना में मिग-21 को साल 1965 में शामिल किया गया था. भारत के पास 1966 से 1984 के बीच 840 MiG-21 फाइटर जेट थे.

1971 की जंग का हीरो मिग-21 अपने 60 साल की हवाई ड्यूटी में 200 पायलटों और 60 आम नागरिकों की जान ले  चुका है.

MiG-21 विमान तकनीकी वजहों से क्रैश हो जाता था. इसको  Widow Maker भी कहते हैं.

The Flying Coffin के नाम से कुख्यात इस फाइटर जेट ने 1971 की जंग में पाकिस्तान को धूल जरूर चटाई. लेकिन सैकड़ों भारतीय जवानों को लील भी गया.

साल 2010 के बाद से 20 से ज्यादा मिग-21 क्रैश हो चुके हैं. अब सिर्फ तीन स्क्वॉड्रन बचे हैं. हर स्क्वॉड्रन में 20 फाइटर जेट हैं.

भारतीय वायुसेना अगले साल यानी 2025 में मिग-21 को अपनी फ्लीट से हटा रही है.