14 Oct 2024
Credit: US Navy
स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ अमेरिका ने भारत को MK54 टॉरपीडो देने की मंजूरी दे दी हैं. अगर डील फाइनल होती है तो भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ जाएगी.
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भारतीय नौसेना की MK54 टॉरपीडो की पहल एक आधुनिक भारत का संकल्प के तौर पर देखी जाएगी. यह टॉरपीडो दुश्मन की सबमरीन को समुद्र की गहराइयों में डुबा सकता है. साथ ही नस्तेनाबूत कर सकता है.
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इस एक टॉरपीडो का वजन 276 किलोग्राम होता है. MK54 टॉरपीडो 8.90 फीट लंबी होती है. इसका डायमीटर करीब एक फीट का होता है. इसका विस्फोटक काफी तगड़ा होता है.
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MK54 टॉरपीडो के अंदर लिक्विड फ्यूल का वाला इंजन होता है, जो इसे पानी के अंदर करीब 9 किलोमीटर तक 74.1 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गति देता है. इसका गाइडेंस सिस्टम एक्टिव और पैसिव एकॉस्टिक सिस्टम पर काम करता है, यानी दुश्मन पनडुब्बी बच नहीं सकती.
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भारतीय नौसेना और अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के बीच टॉरपीडो की डील बहुत महत्वपूर्ण हैं. अगर ये सौदा फाइनल होता है तो 1469 करोड़ रुपए से 53 MK54 टॉरपीडो भारत आएंगे.
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भारत ने कुछ महीनों पहले नौसेना के लिए MH-60R Romeo Seahawk हेलिकॉप्टर आए थे. ये हेलिकॉप्टर खासतौर से सबमरीन को नष्ट करने के लिए बनाए गए है.
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अब MK54 टॉरपीडो के आने से इन हेलिकॉप्टर की ताकत बढ़ जाएगी. इसके शामिल होने के बाद चीन और पाकिस्तान के सबमरीन आसपास भी नहीं भटक सकेंगे.
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