01 01 2024
आज नए साल यानी 2025 का पहला दिन और पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन का 14वां दिन है. कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच छात्र अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
पिछले 14 दिनों में इस आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया है. खासकर जब पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो इसका उबाल दिल्ली तक देखने को मिला.
आज प्रदर्शन का 14वां दिन है और गर्दनीबाग धरना स्थल पर अभ्यर्थियों का जुटान लगा हुआ है. इस आंदोलन पर कई विपक्षी पार्टी के नेताओं ने भी अपना समर्थन दिखाया है.
भारी हंगामे के बाद भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है. अंतिम फैसला बीपीएससी और राज्यपाल पर छोड़ दिया गया है.
डेप्युटी सीएम सम्राट चौधरी मीडिया के सामने स्पष्ट तौर से कह चुके हैं कि परीक्षा रद्द करने या ना करने का फैसला BPSC लेगी.
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी परीक्षार्थियों का समर्थन किया है और BPSC से नई प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने का आह्वान किया है.
वहीं निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी लगातार अभ्यर्थियों का समर्थन कर रहे हैं. पप्पू यादव इसको लेकर राज्यपाल से भी मुलाकात कर चुके हैं.
अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की घटना को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी सवाल उठा चुकी हैं.
इसके अलावा वाम दलों ने बिहार के अलग अलग जिलों में ट्रेनें रोककर और प्रदर्शन कर छात्रों के प्रति अपना समर्थन जताया है.
जन स्वराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर (पीके) पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं. पीके पर FIR दर्ज हुई है, जिससे वे नाराज हैं और पुलिसवालों पर केस करने की बात कह रहे हैं.
मामला छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस द्वारा बल प्रयोग का है. पीके का कहना है कि छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और किसी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया.
4 जनवरी 2025 को बापू सेंटर के अभ्यर्थियों की परीक्षा दोबारा आयोजित होनी है. ऐसे में देखना होगा अगले तीन दिनों में छात्र अपनी मांगें छोड़ेंगे या बीपीएससी अपनी जिद्द.
Pictures Credit: PTI