08 Jan 2025
केंद्र सरकार शैक्षणिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है. अब बिना नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (UGC NET) के कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बना जा सकेगा.
इसके अलावा यूनिवर्सिटी में कुलपित (Vice Chancellor) बनने के लिए भी नेट या पीएचडी अनिवार्य नहीं होगा. यूजीसी ने ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी कर दी है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) की ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की है. यह ड्राफ्ट यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.gov.in पर उपलब्ध है.
जारी ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में 10 साल का अनुभव रखने वाले भी यूनिवर्सिटी में कुलपति बन सकेंगे.
किसी उच्च शिक्षा संस्थान में प्रोफेसर या प्रतिष्ठित शोध या शैक्षणिक प्रशासनिक संगठनों में सीनियर लेवल पर या उद्योग, लोक प्रशासन, लोक नीति और/या सार्वजनिक क्षेत्र में सीनियर लेवल पर हो, वे कुलपति के रूप में नियुक्त होने के पात्र होंगे.
इसके अलावा प्रोफेसर, रिसर्च सेक्टर में एकेडमिक एडमिनिस्ट्रेशन का अनुभव रखने वाले भी कुलपति बन सकेंगे. हालांकि कुलपति के पद पर एक व्यक्ति अधिकतम दो टर्म रह सकेगा.
यूजीसी ने योग, संगीत, मूर्तिकला सहित कुल 8 क्षेत्रों में विशेषज्ञों को असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर पद पर सीधे नियुक्ति किया जाएगा.
इसके लिए असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए कैंडिडेट के पास ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ संबंधित क्षेत्र में 5 साल का अनुभव व स्टेट या नेशनल अवार्ड होना चाहिए.