सेना में लेफ्टिनेंट बनी किसान की बेटी वीणा, घर पहुंचकर पेरेंट्स को किया सैल्यूट

02 Jan 2025

पिछले कुछ सालों में लड़कियों को लेकर दुनिया की सोच में बदलाव आया है, लेकिन अब भी कई जगह ऐसी हैं जहां लड़कियों की शिक्षा को उतना महत्व नहीं दिया जाता, खासकर ग्रामीण इलाकों में.

लेकिन छत्तीसगढ़ के बलोद जिले के जमरुआ गांव के रहने वाले चेतन साहू की कहानी कुछ अलग है.

चेतन साहू की पांच बेटियां हैं और उन्होंने हमेशा बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी. उनका मानना है कि बेटियों को पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनाना सबसे जरूरी है,

चेतन साहू का सपना है कि उनकी सभी बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपने पैरों पर खड़ी हों और एक बेटी ने उनका यह सपना साकार कर दिखाया है

चेतन साहू की बेटी वीणा साहू मिलिट्री अस्पताल, अंबाला में लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत हैं. देश के जवानों और उनके परिवारवालों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रही हैं.

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वीणा साहू तीन माह की ड्यूटी के बाद छुट्टियों में घर आईं तो पूरे गांव में धूमधाम से उनका स्वागत किया गया. उन्होंने घर पहुंचते ही अपने माता-पिता को सैल्यूट किया. इसके अलावाचयनित होने पर छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री विष्णुदेव साई ने उन्हें फोन करके बधाई भी दी.

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वीणा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से फोन पर बात करते हुए कहा "हम पांच बहनें हैं और आमतौर पर यह माना जाता है कि लड़कियों को सही उम्र में शादी कर लेनी चाहिए, लेकिन मेरे पिताजी ने हमेशा मेरी आत्मविश्वास को बढ़ाया.

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मेरी दो बहनें भी सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा की तैयारी कर रही हैं. मैं भी उनके साथ पढ़ाई करती थी और MNS में सफलता प्राप्त की."

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वीणा स्कूल जाने के लिए 12 साल की उम्र में एक गांव से दूसरे गांव कई किलोमीटर तक साईकल चलाकर जाती थीं.

वीणा ने 2022 में नर्सिंग कोर्स पूरा किया और कोचिंग के बाद 2024 में MNS परीक्षा दी. 455 पदों के लिए 1,400 उम्मीदवारों में से वीणा ने अलग पहचान बनाई और चयनित हुईं.

वीणा ने कहा, "जब मुझे चयनित किया गया तो मुझे ऐसा लगा जैसे घर और गांव में दीवाली का उत्सव हो. मैंने अपने पिताजी को पहली बार आंसुओं में देखा. वह गर्व और खुशी के आंसू थे.''