27 Dec 2024
क्या आप जानते हैं बाजार में अब नारियल के छिलकों की भी डिमांड बढ़ गई है.
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भारत के बाहर भी इसकी डिमांड है और भारत इसके निर्यात के मामले में सबसे बड़ा देश है.
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दरअसल, नारियल के छिलकों से कोको पीट निकाला जाता है, जो एक बुरादे की तरह बन जाता है.
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ये अब खेतीबाड़ी में खाद का काम करता है. कोको पीट फलने-फूलने में पौधों की मदद करता है.
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एक किलो कोको पीट में 14 लीटर पानी सोखने की क्षमता होती है. वो खाद को भी सही-सलामत रखता है.
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डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, भारत हर साल लगभग नौ लाख टन नारियल का छिलका निर्यात करता है.
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भारत 125 से ज्यादा देशों को कोको पीट बेचता है और इसका प्रमुख खरीदार है अमेरिका.
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भारत के पोलाची (तमिलनाडु) में इसका सबसे ज्यादा प्रोडक्शन होता है. यहां देश का 40 फीसदी प्रोडक्ट अकेले पोलाची से आता है.
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कोको पीट के साथ-साथ करीब 300 चीजें बनती हैं, जिनमें सीड जरमिनेशन डिस्क्स, सिक्के, कप, हस्क चिप्स और गमले शामिल हैं.
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अगर बाजार में रेट देखें तो ये 100 रुपये किलो तक बिकता है. इसके अलावा इसे 5-5 किलो के ब्लॉक में बेचा जाता है.
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वहीं, नारियल के छिलके सीधे भी बेचे जा रहे हैं, जो 700 रुपये किलो तक बिक रहे हैं.
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