सऊदी की भयानक गर्मी में भी काबा के आस-पास के पत्थर ठंडे कैसे रहते हैं?

17  APRIL 2025

हर साल दुनिया भर से लाखों लोग हज के लिए जाते हैं. हज के लिए जो हज कमेटी की तरफ से फ्लाइट की शुरुआत 29 अप्रैल से हो रही है.

हज के लिए अलग-अलग देशों का कोटा तय है. हर साल 18 लाख से 25 लाख तक लोग हज करते हैं.

हज कमेटी सरकारी सुविधाओं वाली यात्रा संभालती है. इसलिए HCI (Haj Committee of India) की ओर से भेजे जाने वाले यात्रियों को कम खर्च पड़ता है. 

हज के दौरान कई बार कई जगहों पर पैदल और नंगे पैर भी चलना पड़ता है. 

लेकिन, यहां की मस्जिदों और परिसरों में सफेद मार्बल पत्थर लगे होते हैं, जिससे नंगे पैर चलने वाले लोगों को समस्या नहीं होती. 

आपको बता दें कि मक्का और मदीना की मस्जिदों में मार्बल के पत्थर लगाए गए हैं, जिससे ये गर्मी में भी काफी ठंडे होते हैं. 

कुछ लोगों का ये भी कहना है कि मार्बल के नीचे पानी के पाइप बिछाए गए हैं, जिससे पानी का प्रवाह बना रहता है, जिससे पत्थर गर्म नहीं होता है.

लेकिन पत्थर ठंडे होने की वजह कुछ और ही है. ये खास पत्थर एसियन सागर में पाए जाते हैं.

ये बेहज चमकीले होते हैं, इसे सफेद मार्बल कहा जाता है. यहीं कारण है कि ये गर्मी अवशोषित (Absorbed) नहीं करते और भीषण गर्मी में भी काफी ठंडे रहते हैं.

ऐसे पत्थर 50 से 55 डिग्री तापमान में भी गर्म नहीं होते, ऐसे में नंगे चल रहे हज यात्रियों का कोई समस्या नहीं होती है. 

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