17 Jan 2025
Credit: META
मोबाइल युग में रियल और रील्स का फर्क धुंधला होता जा रहा है. लोगों का कीमती वक्त रील्स बनाने या फिर रील्स देखने में गुजर रहा है.
देश में कुछ वर्षों से रिल्स देखने का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसके लगातार प्रयोग से कई तरह की समस्याएं हो रही हैं.
आज के समय में रिल्स देखने वाले लोग अकेले में रहना पसंद कर रहे हैं. इसके साथ ही ऐसे लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं.
अगर आप भी जैसे ही काम से फ्री होते हैं रिल्स देखना शुरू कर देते हैं तो हो सकता है आपको कोई दिक्कत हो?
लगातार रिल्स देखने वालों को हो सकता है ब्रेन रॉट की समस्या हो. बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस आदत को बयां करने वाले शब्द को 2024 का वर्ड ऑफ द ईयर चुना था.
इस तरह की समस्या को ब्रेन रॉट कहा जाता है. यह शब्द सोशल मीडिया पर बेकार कंटेंट देखने के कारण दिमाग पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है.
2023 से 2024 के बीच इस शब्द के इस्तेमाल में 230 फीसदी की वृद्धि हुई है. लगातार रील्स देखने से बचने के लिए सिर्फ जरुरत पड़ने पर ही मोबाइल का उपयोग करें.
दोस्तों और परिवार के साथ बातचीत करें और अपनी पसंद की चीजों में समय बिताएं.