27 November 2024
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लॉरेंस बिश्ननोई गैंग से धमकी मिलने के बाद बिहार के सांसद पप्पू यादव बुलेट प्रूफ कार पर घूम रहे हैं. उनके एक दोस्त ने उन्हें बुलेट प्रूफ लैंड क्रूजर कार गिफ्ट की है. ऐसे में जानते हैं कि क्या आम आदमी भी बुलेट प्रूफ कार खरीद सकते हैं.
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अक्सर राजनेताओं, बॉलीवुड की हस्ती, बड़े अधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण लोग बुलेटप्रूफ कार का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सवाल ये उठता है क्या कोई भी आम इंसान बुलेट प्रूफ कार खरीद सकता है? या फिर इसके लिए कुछ नियम कानून हैं?
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पहली बात तो ये है कि गाड़ी बनाने वाली कंपनियां बुलेट प्रूफ कार नहीं बनाती हैं. गाड़ियों को अलग से बुलेटप्रूफ कराना पड़ता है. हां, वैसे कुछ कंपनियां जो सेना के लिए साजो-सामान सप्लाई करती है, वे बख्तरबंद गाड़ियां भी बनाती है.
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इसलिए कुछ कंपनियों से सीधे तौर पर भी बुलेटप्रूफ गाड़ियां खरीदी जा सकती है. वैसे आम गाड़ियों की तरह कोई भी शख्स इसे आसानी से नहीं खरीद सकता है.
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बुलेट प्रूफ कार खरीदने के लिए सरकार ने कुछ नियम बनाए हैं. इसके तहत जिला अधिकारी, एसपी और गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होती है. इसके बाद ही आप अपनी नॉर्मल कार को बुलेट प्रूफ कार में बदलवा सकते हैं या खरीद सकते हैं.
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बख्तरबंद वाहन खरीदने पर उसके उपयोग या दुरुपयोग के सभी जोखिमों को स्वीकार करना होता है. साथ ही उसकी आवश्यकता क्यों है, ये भी बताना पड़ता है.
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बुलेट प्रूफ कार बनाने के लिए कार के इंटीरियर और एक्सटीरियर बॉडी को एल्यूमीनियम और स्टील से बदला जाता है. इसके अलावा, कार के दरवाजो को मजबूत मेटल से तैयार किया जाता है और एडवांस्ड ग्लास लगाए जाते हैं.
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बुलेट प्रूफ कारें बनाने के लिए अक्सर टाटा सफ़ारी, महिद्रा स्कॉर्पियो, मित्सुबिशी पजेरो, टोयोटा इनोवा, फोर्ड, फॉर्च्यूनर, बीएमडब्ल्यू को चुना जाता है. क्योंकि बुलेट प्रूफ होने पर गाड़ी इसे भार को सह सके.
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बुलेट प्रूफ कारों में अलग-अलग सुरक्षा फीचर होते हैं. इनमें बम वॉर्निंग अलर्ट, पास और दूर की फायरिंग से बचाने के लिए खास ग्लास, पैसेंजर की पहचान छिपाने वाले टिंटेड विंडो होते हैं.
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बुलेट प्रूफ कार बनाने में 12 से 18 लाख रुपये तक खर्च आता है. लग्जरी या बड़ी गाड़ी को बुलेट प्रूफ बनाने में एक करोड़ रुपये तक खर्च आ सकते हैं. इसमें सामान्य टायरों को भी बदल दिया जाता है, ताकि पंचर होने के बाद भी इसे आसानी से चलाया जा सके.
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