बिना UPSC एग्जाम के किन-किन तरीकों से बनते हैं IAS? आप भी जान लीजिए

31 Jan 2025

IAS के पर पद नौकरी करने के लिए UPSC CSE की परीक्षा पास करना होती है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना इस परीक्षा को पास किए भी IAS ऑफिसर बन सकते हैं.

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा बिना पास किए IAS बनने के दो रास्ते हैं- एक राज्य सिविल सेवा परीक्षा पास करके यानी कि PCS बनने के बाद IAS और दूसरा सिविल सर्विसेज लैटरल एंट्री के जरिए.

राज्य सिविल सेवा परीक्षा जैसे कि यूपी पीसीएस या एमपी पीसीएस परीक्षाएं पास करके सबसे पहले एसडीएम बनना होगा.

PCS ऑफिसर आगे चलकर IAS कैसे बन सकता है?

एसडीएम के रूप में करीब 12-15 साल नौकरी करने के बाद आईएएस कैडर में प्रमोशन हो सकता है.

हालांकि इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (प्रमोशन से अप्वाइंटमेंट) रेगुलेशन्स 1955 के अनुसार 8 साल की सर्विस के बाद आईएएस कैडर में प्रमोशन पाने की योग्यता हासिल हो जाती है.

पीसीएस अधिकारियों के आईएएस कैडर में प्रमोशन के लिए एक कमेटी बनती है. 

इसमें राज्य सरकार के चीफ सेक्रेटरी, इसके अलावा सेवारत कैडर के सबसे सीनियर अधिकारी, राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग का प्रमुख/कार्मिक/राजस्व विभाग का अधिकारी. 

जिसकी रैंक राज्य के सचिव के बराबर या उससे ऊपर हो. इन सब के अलावा भारत सरकार द्वारा नामित दो अधिकारी जिनकी रैंक ज्वाइंट सेक्रेटरी के बराबर या उससे ऊपर होती है.

यह कमेटी केंद्र सरकार के पास नाम भेजने के लिए अधिकारियों के एनुअल कॉन्फीडेंशियल रिपोर्ट (एसीआर) का एनालिसिस करती है.

यदि किसी अधिकारी के खिलाफ कोई जांच चल रही होती है तो उसका नाम लिस्ट से बाहर कर दिया जाता है. इसके बाद केंद्र सरकार तैयार लिस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया राज्य सरकार को भेजती है.

सिविल सर्विसेज में आने का दूसरा तरीका लेटरल एंट्री स्कीम है. इसके जरिए तीन चरणों वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दिए बगैर ज्वाइंट डायरेक्टर या सेक्रेटरी लेवल के पद पर नियुक्ति होती है.

लेटरल एंट्री से IAS कैसे बनते हैं ?

इसके लिए प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला 40 साल तक का कोई भी अधिकारी अप्लाई कर सकता है.

उसके पास कम संबंधित फील्ड में कम से कम 15 साल काम करने का अनुभव होना चाहिए.

आवेदन के बाद भारत सरकार के कैबिनेट सेक्रेटरी की अगुवाई वाली कमेटी के सामने इंटरव्यू देना होता है.

लैटरल एंट्री के जरिए फाइनेंस, आर्थिक मामलों, खेती-किसानी, सड़क, शिपिंग (पानी के जहाज), पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, नागरिक उड्डयन और कॉमर्स विभाग में ज्वाइंट डायरेक्टर या सेक्रेटरी लेवल के पद पर नियुक्त किया जाता है.

लेटरल एंट्री से नियुक्ति तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट पर होती है.