3 Feb 2025
UPSC परीक्षा पास करने के बाद कई कैंडिडेट्स का आईएएस पद के लिए चयन होता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो शख्स कौन हैं जो सिविल सर्विस पास करने देश के पहले आईएएस ऑफिसर बने थे? आइए आपको बताते हैं.
सत्येंद्रनाथ टैगोर भारत के पहले आईएएस अधिकारी थे. उन्होंने साल 1863 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी. वे पहले भारतीय थे जो 1863 में भारतीय सिविल सेवा अधिकारी बने.
उनकी पत्नी ज्ञानदानंदिनी देवी थीं. उनके एक बेटा और एक बेटी सुरेंद्रनाथ टैगोर और इंदिरा देवी चौधुरानी थीं.
वह प्रेसीडेंसी कॉलेज के स्टूडेंट रहे थे. वह भारतीय सिविल सेवा (ICS) के पहले भारतीय अधिकारी थे. वह 1864 में सेवा में शामिल हुए.
आज़ादी के बाद, भारतीय लोक सेवा (ICS) अधिकारियों को आईएएस कहा जाने लगा.
आज़ादी के बाद, भारतीय लोक सेवा (ICS) अधिपहले जिन कैंडिडेट्स को सिविल सर्विसेज के लिए सेलेक्ट किया जाता था उन्हें ट्रेनिंग के लिए लंदन के हेलीबरी कॉलेज में भेजा जाता था. कारियों को आईएएस कहा जाने लगा.
सत्येंद्रनाथ टैगोर हमेशा से पढ़ने में अव्वल दर्ज़े के होशियार थे. उन्होंने हिंदू कॉलेज और फिर प्रेसिडेंसी कॉलेज में दाख़िला लिया ता. वहां से भी अव्वल दर्ज़े में पास हुए. कारियों को आईएएस कहा जाने लगा.
वह पहले से ही पढ़ने में होशियार थे, इसलिए सिविस सर्विस की तैयारी करना उनके लिए इतना मुश्किल वहीं. तैयारी शुरू करने के बाद उन्होंने एग्जाम दिया और वह पास हो गए. कारियों को आईएएस कहा जाने लगा.