By: Aajtak Education
ट्रेन के ड्राइवर को ही लोको पायलट कहा जाता है. लोको पायलट की जॉब को भारत में ग्रुप बी की कैटेगरी में रखा गया है.
लोको पायलट बनने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10वीं या 12वीं पास की होना चाहिए. उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है.
इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक या ऑटोमोबाइल जैसे किसी भी ट्रेड से 2 साल का ITI कोर्स करना अनिवार्य है.
इसके अलावा जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 18 से 30 साल तय की गई है. जबकि आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाती है.
भारतीय रेलवे समय-समय पर लोको पायलट की भर्तियां निकालता है. आपको बस अवेयर रहने की जरूरत है. जब कभी भी भर्ती निकले और नोटिफिकेशन में जारी पात्रताओं को पूरा करते हों तो फौरन आवेदन कर दीजिए.
लोको पायलट के पद पर नौकरी पाने के लिए योग्य आवेदकों को लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट से गुजरना होता है.
एक नए ट्रेन ड्राइवर की भर्ती असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) पद पर होती है. बहाली के शुरुआती दिनों में 25,000 रुपये से 35,000 रुपये प्रति माह सैलरी मिलती है.
वहीं एक अनुभवी और उच्चतर स्तर का ट्रेन ड्राइवर यानी लोको पायलट बनने पर 50,000 रुपये से 1,00,000 रुपये प्रति माह तक सैलरी मिलती है.
लोको पायलट को सैलरी के साथ बॉनस, भत्ते, अतिरिक्त सुविधाएं, पेंशन योजना और अन्य लाभ भी मिलते हैं. 100 किमी के ट्रेन रनिंग पर अलाउंस, ओवरटाइम अलाउंस, नाइट ड्यूटी अलाउंस, हॉलीडे अलाउंस, ड्रेस अलाउंस आदि मिलते हैं.
रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट के बाद अनुभव के आधार पर सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट, लोको पायलट और लोको सुपरवाइजर पद तक पहुंच जाता है.