कुवैत को क्यों कहा जाता है टायरों का कब्रिस्तान? ये है वजह

18 February 2025

कुवैत को टायरों का कब्रिस्तान भी कहा जाता है. इसके पीछे एक ठोस वजह है. दरअसल, यहां दुनिया का सबसे बड़ा टायर डंपिंग ग्राउंड है. 

Credit: AFP

कुवैत के सुलायबिया शहर में टायरों का सबसे बड़ा डंपिंग ग्राउंड हैं. इसलिए इसे दुनिया का सबसे बड़ा टायरों की कब्रिस्तान कहा जाता है.

Credit: AFP

यह इतना बड़ा है और यहां इतने बड़े क्षेत्र में बेकार और यूज्ड टायर पड़े हुए हैं कि  अंतरिक्ष से भी इसे देखा जा सकता है.

Credit: Getty

यह टायर डंपिंग ग्राउंड, अरब प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी कोने पर है. यहां हर साल विदेश से लाए गए लाखों पुराने टायरों को डंप किया जाता है.

Credit: Reuters

एक पुराने आंकड़े के अनुसार कुवैत की रेत में 42 मिलियन से अधिक टायर फेंके गए हैं.

Credit: Reuters

इन पुराने टायरों को आग लगाने की वजह से इस इलाके की हवा बुरी तरह से प्रभावित हो रही है और जहरीली बनती जा रही है.

Credit: Reuters

कई बार इस विशाल डंपिंग ग्राउंड में मौजूद टायरों में लगने वाली आग के वीडियो भी वायरल होते रहे हैं.

Credit: Getty

कुवैत ने कुछ साल पहले यहां टायर रीसाइक्लिंग का काम शुरू किया है. इस डंपिग ग्राउंड में एक नया शहर  बनाने की योजना पर काम चल रहा है.

Credit: Reuters

इस वजह से यहां पड़े टायरों को सऊदी की सीमा के पास अल-सलमी नाम के एक नए स्थान पर ले जाया जा रहा है. वहीं इन टायरों को रीसाइकल किया जा रहा है.

Credit: Getty

टायरों की रीसाइक्लिंग करने वाली कंपनी ईपीएससीओ ग्लोबल जनरल ट्रेडिंग ने अल-सलामी में एक प्लांट शुरू किया है. इसमें टायरों की रीसाइक्लिंग कर दूसरे उत्पाद बनाए जा रहे हैं. फिर भी कुवैत में डंप हुए टायर कम नहीं हुए हैं. 

Credit: Reuters