कितनी दूरी में फैला है संगम नोज एरिया, जहां कुंभ में गए करोड़ों लोग जाना चाहते हैं

29 Jan 2025

प्रयागराज के महाकुंभ मेले में भगदड़ मचने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से संगम नोज न जाने की अपील की है.

संगम नोज़ वह जगह है, जहां गंगा और यमुना नदी का मिलन होता है. यही वजह है कि यहां श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ होती है.

यहां दोनों नदियों का पानी अलग-अलग रंग में दिखाई देता है. यमुना का पानी जहां हल्का नीला होता है, वहीं गंगा का पानी हल्का मटमैला दिखाई देता है.

इस साल प्रशासन और सिंचाई विभाग ने आईआईटी-गुवाहाटी के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से नोज पर अतिरिक्त 2 हेक्टेयर स्थान तैयार किया गया है.

महाकुंभ 2025 के लिए संगम नोज के एरिया को इतना बढ़ा दिया गया है कि यहां अब करीबन 630 फोर व्हीलर खड़े हो सकते हैं.

महाकुंभ 2025 में पहले के मुकाबले ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया था, इसलिए संगम नोज की जगह को बढ़ाया गया है. यह इतना बड़ा हो चुका है कि यह अब चार फुटबॉल मैदान बराबर है.

साल 2019 के मुकाबले इस साल महाकुंभ में कम से कम 2 लाख और श्रद्धालुओं को एक साथ समायोजित करने के लिए पर्याप्त जगह बनाई गई है.

इसके अलावा समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सिंचाई विभाग के 'मैकेनिकल बैराज मैकेनिकल सेक्शन मेंटेनेंस' यूनिट ने शास्त्री ब्रिज और संगम नोज के बीच 26 हेक्टेयर ज़मीन को बढ़ाने का काम भी किया है.

बात करें पूरे कुंभ मेले की तो प्रयागराज का कुंभ मेला क्षेत्र क़रीब 4 हज़ार हेक्टेयर ज़मीन पर फैला है. इसे 25 सेक्टरों में बांटा गया है. इसके अलावा भी कई इंतजाम किए हैं.

महाकुंभ के लिए प्रशासन ने संगम तट पर कुल 41 घाट तैयार किए हैं. इनमें 10 पक्के घाट हैं, जबकि बाकी 31 घाट अस्थायी हैं. संगम घाट प्रयागराज का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण घाट है.

महाकुंभ के सेक्टर 7 में 10 एकड़ में 'कलाग्राम' बनाया गया है, जहां भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया है.

प्रयागराज में एंट्री के लिए मुख्य रूप से 7 रास्ते हैं. बस और निजी वाहन से आने वाले लोग इन्हीं रास्तों से होते हुए संगम पहुंचे रहे हैं.

महाकुंभ जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में कुल छोटी और बड़ी 102 पार्किंग्स बनाई हैं. इनमें 70% पार्किंग्स स्नान घाट से 5 किलोमीटर के दायरे में हैं.

बाकी 30% पार्किंग्स 5 से लेकर 10 किलोमीटर के दायरे में हैं. 24 सैटेलाइट पार्किंग्स हैं, इनमें से 18 मेला क्षेत्र में और 6 प्रयागराज शहर में बनाई गई हैं.

Pictures Credit: PTI