28 Dec 2024
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. इस दौरान उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी जाएगी.
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क्या आप जानते हैं कि आखिर 21 तोपों की सलामी कैसे दी जाती है और क्या सही में इस सलामी में 21 तोपों से फायर किया जाएगा.
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दरअसल, 21 तोपों की सलामी को सर्वोच्च मिलिट्री सम्मान माना जाता है, जिसमें कैनन फायर के जरिए सम्मान दिया जाता है.
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ये सम्मान 26 जनवरी के मौके पर राष्ट्रपति या विदेशी मेहमानों और भारत के कुछ गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है.
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ये सम्मान 1721 फील्ड बैटरी की ओर से दिया जाता है, जिसका मुख्यालय मेरठ में है और इसमें करीब 122 सैनिक हैं.
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इसके लिए 21 तोपों को इस्तेमाल नहीं होता है, जबकि 8 तोपों से दी जाती है. इसमें 7 तोप से 3-3 फायर किए जाते हैं और एक अलग रहती है.
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अब सवाल है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले असली होते हैं? दरअसल, इसमें खास तरह के गोले होते हैं, जिसे सेरेमोनियल कार्ट्रिज कहते हैं.
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इन गोलों से सिर्फ आवाज होती है और धुआं निकलती है. इससे किसी को भी नुकसान नहीं होता है.
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3-3 गोले 2.25 सेकेंड के अंतराल में दागे जाते हैं, जो 52 सेकेंड में खत्म होती है. अब इस सलामी में भारत में बने सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है.