NEET में टॉप फिर भी ठेले पर समोसे बेचने को मजबूर! 'फिजिक्सवाला' ने की मदद

17 Nov 2024

मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) काफी टफ एग्जाम माना जाता है. हर साल लाखों डॉक्टर बनने का सपना लिए इस परीक्षा में बैठते हैं.

नोएडा में समोसे का ठेला चलाने वाले 18 वर्षीय सनी ने भी नीट यूजी 2024 दिया और अच्छा स्कोर (720 में से 664) हासिल किया.

दिन में समोसे का ठेला चलाया रात में पढ़ाई की. कई बार समोसे के ठेले पर ही लेक्चर देखता था. अच्छे स्कोर के चलते सनी को सरकारी मेडिकल कॉलेज भी मिल गया, लेकिन फिर भी वह समोसा बेचने को मजबूर था.

फिजिक्सवाला (नीट-जेईई कोचिंग) के फाउंडर अलख पांडे ने अपने 'X' अकाउंट पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, सनी नीट में अच्छा स्कोर पाने के बाद भी समोसा बेच रहा है.

उन्होंने बताया कि सनी को लगता है अगर वह मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लेता है तो परिवार का क्या होगा. ठेला कौन संभालेगा, कॉलेज की फीस कहां से आएगी?

अलख पांडे ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'हमने प्रतियोगी परीक्षा की फीस 1 लाख से 4000 कर दी, डिजिटलाइजेशन की वजह से गरीब बच्चे पढ़ाई करते हैं, लेकिन अब एक नई प्रॉब्लम सामने आ रही है.

उन्होंने लिखा, 'ऐसे बच्चे एग्जाम में सेलेक्ट हो जाते हैं पर कॉलेज हॉस्टल की फीस और घर की जिम्मेदारी उन्हें बांध देती है. ऐसे 1000 सनी हैं, इस सनी समेत 100 बच्चों की जिम्मेदारी मैंने ले ली है, लेकिन बाकी का क्या?'

अलख पांडे ने कहा कि बैंक एजुकेशन लोन देते हैं लेकिन हॉस्टल फीस-किराया, ट्रैवल, नई किताबें और घर के खर्चों के लिए लोन नहीं मिलता. कई के पास लोन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी नहीं होते.

सनी अब डॉक्टर बनेगा, क्योंकि उसकी जिम्मेदारी अलख पांडे ने ले ली. साथ ही उन्होंने लोगों से ऐसे गरीब छात्रों की जिम्मेदारी लेने की अपील की है.

(All Photo/Video Credit: Insta@physicswallah)