13 February 2025
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस दौरे पर हैं. इसके बाद वो अमेरिका जाएंगे. वहां उनकी मुलाकात प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से होगी. मीटिंग व्हाइट हाउस के जिस विशेष कमरे में होनी है, जानते हैं उसकी कहानी.
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पिछले साल भी जब पीएम मोदी अमेरिका गए थे, तो तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इसी खास ऑफिस में उनसे मुलाकात की थी. इसका नाम है ओवेल ऑफिस.
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ओवेल ऑफिस व्हाइट हाउस में बने करीब एक सदी पहले वेस्ट विंग का एक अहम हिस्सा है.
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1902 में व्हाइट हाउस में बने नए वेस्ट विंग में थियोडोर रूजवेल्ट ने अपना कार्यालय शिफ्ट किया था.
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तभी इस दो मंजिला वेस्ट विंग में ओवल ऑफिस के अलावा सिचुएशन रूम, कैबिनेट रूम, रूजवेल्ट रूम और प्रेस ब्रीफिंग रूम शामिल हुए.
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ओवल ऑफिस 1909 में राष्ट्रपति विलियम हॉवर्ड टैफ्ट के समय से राष्ट्रपति कार्यालय के रूप में कार्य करता रहा है.
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इस कमरे का आकार वास्तव में अंडाकार है. इस वजह से इसका नाम ओवेल ऑफिस पड़ा है.
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इसमें ओक रेसोल्यूट डेस्क है, जिसे 1880 में रानी विक्टोरिया द्वारा राष्ट्रपति रदरफोर्ड बी. हेस को उपहार में दिया गया था.
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इस डेस्क को ब्रिटिश जहाज एचएमएस रेसोल्यूट के बोर्ड से बनाया गया था. तब से लगभग हर राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस और इस डेस्क का उपयोग किया है.
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