`ग्लैमर छोड़ साधना तक का सफर, कितनी पढ़ीं लिखी हैं महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी

25 Jan 2025

बॉलीवुड एक्ट्रेस रहीं ममता कुलकर्णी किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. अब ममता कुलकर्णी ने संन्यास ले लिया है. उन्होंने महाकुंभ के दौरान किन्नर अखाड़े से दीक्षा प्राप्त की है.

वह 25 जनवरी को किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर बन गई हैं. उन्होंने शुक्रवार को प्रयागराज में संगम तट पर पिंडदान किया. वहां उनका पट्टाभिषेक संपन्न हुआ. अब ममता कुलकर्णी का नया नाम श्री यमाई ममता नंद गिरि होगा.

90 के दशक में ममता कुलकर्णी ने बॉलीवुड की बहुत सारी फिल्मों में काम किया है. इसके बाद वे काफी लंबे समय से फिल्मों से दूरी बना रखी थी. 

शिक्षा की बात करें तो उन्होंने  मुंबई के विले पार्ले स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट हाई स्कूल से पढ़ाई की थी. यह एक गर्ल्स सरकारी स्कूल है. जिसका प्रबंधन ननों और शिक्षकों द्वारा किया जाता है.

ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर बनने के लिए किन्नर अखाड़ा इसलिए चुना क्योंकि किन्नर अखाड़ा सनातन धर्म के 13 प्रमुख अखाड़ों से अलग है. 

किन्नर अखाड़ा वो अखाड़ा है, जिसमें संन्यासी बनने के बाद भी भौतिक जीवन जिया जा सकता है और इसमें महामंडलेश्वर बनने के लिए सांसारिक और पारिवारिक रिश्तों को खत्म करना जरूरी नहीं होता है.