19 February 2025
सरस्वती कूप अभी चर्चा में है. यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए सरस्वती कूप की चर्चा की. चलिए जानते हैं कहां है ये सरस्वती कूप?
Credit: X/@UPGovt
सीएम योगी ने कहा कि सपा के नेता अकबर के किले को जानते थे, लेकिन अक्षयवट और सरस्वती कूप के महत्व से अनजान थे. इस बयान के बाद से सरस्वती कूप चर्चा का विषय बना हुआ है.
Credit: X/@UPGovt
सरस्वती कूप प्रयागराज के किला परिसर में अक्षयवट मंदिर के पास स्थित है. यह एक कुआं है, जो सैकड़ों साल पुराना माना जाता है.
Credit: X/@UPGovt
मान्यता है कि इसी कुएं से सरस्वती नदी की जलधारा निकलती है और अदृश्य रूप से संगम में मिल जाती है. यानी इसे अदृश्य सरस्वती नदी का स्रोत माना जाता है.
Credit: X/@UPGovt
लगभग 450 वर्षों से बंद पड़े ‘सरस्वती कूप’ को वर्ष 2019 में श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था.
Credit: X/@UPGovt
महाकुंभ के दौरान संगम में डुबकी लगाने आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा और यमुना के दर्शन तो हो जाते हैं, लेकिन अदृश्य सरस्वती के दर्शन नहीं हो पाते.
Credit: X/@UPGovt
ऐसे में इस सरस्वती कूप तक पहुंचकर लोग त्रिवेणी में अदृश्य रूप से शामिल सरस्वती नदी के भी दर्शन कर रहे हैं.
Credit: X/@UPGovt
कुआं करीब 70 फीट गहरा बताया जाता है. इसमें लगभग 30-35 फीट तक पानी है. कूप को चारों ओर से शीशे से घेर दिया गया है, ताकि श्रद्धालु इसमें फूल-माला इत्यादि नहीं फेंक सकें और कूप की शुद्धता बनी रहे.
Credit: X/@UPGovt
यहां पर मां सरस्वती की एक सफेद रंग की विशाल प्रतिमा भी है, जो हाथ में वीणा लिए हुए बैठी मुद्रा में हैं.
Credit: X/@UPGovt