1 April 2025
Credit: META
अक्सर हम रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं तो पानी के जग के साथ-साथ एक पानी की बोतल भी रख दी जाती है. अगर आप उस पानी के बोतल का इस्तेमाल करते हैं तो होटल मालिक उस पानी का बिल आपके खाने के बिल के साथ जोड़ देता है.
FSSAI का कोड है कि कोई भी होटल मालिक या रेस्टोरेंट मालिक पानी को बेच नहीं सकता, अगर वे ऐसा करता है तो उसको कम से कम 25 हजार जुर्माना भरना होगा.
अगर वे आपकी बात नहीं मानता है तो आप उसकी कंप्लेंट FSSAI की हेल्पलाइन नंबर 1800112100 पर कर सकते हैं.
दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रेम जोशी कहते है कि ग्राहक इस संबंध में अपने अधिकारों को नहीं जानते हैं, इसलिए वे अधिकांश बार होटल और रेस्तरां मालिक बिल पर पर "डिफ़ॉल्ट रूप से" सेवा शुल्क लगा रहे हैं, जो अवैध, मनमाना, अनुचित और अनुचित व्यापार व्यवहार है और उपभोक्ता के हितों के विरुद्ध है.
वकील ने बताया कि 04 जुलाई 2022 को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने एक परिपत्र पारित किया है, जिसमें होटल और रेस्तरां को ग्राहक के बिलों पर "स्वतः या डिफ़ॉल्ट रूप से" कोई भी सेवा शुल्क लगाने से मना किया गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया.
फेडरेशन ऑफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) और नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष सीसीपीए के 2022 के दिशानिर्देशों को चुनौती देते हुए दो याचिकाएं दायर की थीं.
उक्त याचिकाओं में माननीय न्यायालय ने कहा कि खाद्य बिलों पर सेवा शुल्क का अनिवार्य संग्रह भ्रामक है क्योंकि इससे उपभोक्ताओं को यह आभास होता है कि यह सेवा कर या जीएसटी के रूप में लगाया जा रहा है और इस तरह की प्रथा अनुचित व्यापार व्यवहार के बराबर है.
यदि किसी कस्टमर को लगता है कि कोई होटल या रेस्तरां दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सेवा शुल्क लगा रहा है, तो उपभोक्ता संबंधित होटल या रेस्तरां से बिल राशि से सेवा शुल्क हटाने का अनुरोध कर सकता है.
इसके अलावा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर शिकायत दर्ज करा सकता है, जो 1915 पर कॉल करके या एनसीएच मोबाइल ऐप के माध्यम से मुकदमे-पूर्व स्तर पर वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के रूप में काम करती है.
उपभोक्ता आयोग के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है.
शिकायत को इसके त्वरित और प्रभावी निवारण के लिए ई-दाखिल पोर्टल www.edaakhil.nic.in के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से भी दर्ज कराया जा सकता है.