20 Dec 2024
SP (Superintendent of Police) और DSP (Deputy Superintendent of Police) भारतीय पुलिस बल में अलग-अलग रैंक हैं. दोनों पदों में मुख्य अंतर पद की वरिष्ठता, जिम्मेदारी और शक्तियों में है.
SP: यह एक वरिष्ठ रैंक है और जिले के पुलिस प्रमुख होते हैं. DPS: यह पुलिस विभाग में प्रारंभिक स्तर का एक गजटेड अधिकारी होता है.
SP: जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम और पुलिस विभाग के सभी विभागों की निगरानी करना. DSP: एक क्षेत्र (सब-डिवीजन) या सर्कल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना.
SP: जिले के सभी पुलिस स्टेशनों और DSPs को निर्देश देना. DSP: अपने क्षेत्र के थाने (Police Stations) की निगरानी करना और SP को रिपोर्ट करना.
SP: DIG (Deputy Inspector General) या IG (Inspector General). DSP: SP या ASP (Assistant Superintendent of Police).
UPSC की सिविल सेवा परीक्षा (IAS/IPS) पास करके IPS अधिकारी के रूप में चयन के बाद, प्रशिक्षण के दौरान ASP (प्रारंभिक रैंक) दिया जाता है. अनुभव और प्रमोशन के साथ SP का पद प्राप्त होता है. प्रमोशन के माध्यम से भी DSP से SP बना जा सकता है.
राज्य लोक सेवा आयोग जैसे UPPSC, MPPSC की पीसीएस परीक्षा क्लियर करके. इंस्पेक्टर या अन्य निचले पदों से भी प्रमोशन द्वारा DSP बना जा सकता है.
SP: जिले का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी होने के नाते उच्च रुतबा और शक्ति प्राप्त होती है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष शक्तियां, जैसे धारा 144 लागू करना. VIP सुरक्षा और बड़े अभियानों की जिम्मेदारी. DSP: अपने क्षेत्र में पुलिसिंग का पूरा नियंत्रण. अपराधों की जांच, महत्वपूर्ण केस सुलझाना, और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना.
₹78,000 - ₹2,09,200 (7वें वेतन आयोग के अनुसार). आधिकारिक गाड़ी, ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड, सरकारी आवास, यात्रा भत्ता, चिकित्सा सुविधा, पेंशन और VIP का दर्जा.
₹56,100 - ₹1,77,500 (7वें वेतन आयोग के अनुसार). सरकारी आवास, वाहन, चिकित्सा और पेंशन सुविधाएं व अन्य भत्ते.
SP का प्रमोशन DIG → IG → ADG → DGP तक प्रमोशन का स्कोप है. DSP: SP → DIG तक प्रमोशन. हालांकि, यह समय और प्रदर्शन पर निर्भर करता है.
Photo Credit: AI जनरेटेड