SSC CGL और CHSL परीक्षा में क्या अंतर है? सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार ध्यान दें

03 Dec 2024

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) सरकारी कर्मचारियों की भर्ती के लिए SSC CGL और SSC CHSL परीक्षा आयोजित करता है. आइए जानते हैं इन दोनों परीक्षाओं में क्या अंतर है.

CGL को कंबाइंड ग्रेजुएशन लेवल परीक्षा के नाम से जाना जाता है और यह परीक्षा SSC द्वारा विभिन्न पदों पर स्नातक पास अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है.

वहीं, CHSL को कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल परीक्षा के नाम से जाना जाता है और इसमें बारहवीं पास अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं.

CGL भर्ती में 18 से 32 वर्ष के ग्रेजुएट अभ्यर्थी शामिल हो सकते है, जबकि CHSL भर्ती में 18 से 27 वर्ष के बारहवीं पास अभ्यर्थी हिस्सा ले सकते हैं.

CGL भर्ती में अभ्यर्थियों को चयन के लिए चार चरण की परीक्षाओं से गुजरना होता है और CHSL भर्ती में 3 चरण की परीक्षा के बाद नौकरी मिलती है.

एसएससी सीजीएल एग्जाम के जरिए असिस्टेंट ऑडिटर ऑफिसर, असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर, असिस्टेंट, इनकम टेक्स इंस्पेक्टर, एक्साइज इंस्पेक्टर, ऑडिटर, यूडीसी के पदों पर नौकरी मिलती है. परीक्षा को दो स्तरों में विभाजित किया गया है.

CGL परीक्षा में टियर 1 और 2 कंप्यूटर-आधारित (ऑनलाइन) परीक्षाएं होती हैं. CGL की परीक्षा देने के लिए कैंडिडेट का ग्रेजुएशन पास होना अनिवार्य है.

CHSL परीक्षा देशभर में विभिन्न सरकारी मंत्रालयों और विभागों में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC), डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) और डाक सहायकों/सॉर्टिंग सहायकों (PA/SA) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जाती है. 

यह परीक्षा हर साल उच्चतर माध्यमिक योग्य छात्रों के लिए होती है, और इसमें कंप्यूटर आधारित परीक्षा, वर्णनात्मक पेपर और स्किल टेस्ट शामिल होते हैं. 

यह परीक्षा बड़ी संख्या में सरकारी पदों को भरने के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें पोस्टिंग असिस्टेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर और लोअर डिवीजनल क्लर्क जैसे पद शामिल हैं.