17 Nov 2024
राजस्थान सरकार, अशोक गहलोत की पिछली सरकार के एक और फैसले को पलटने जा रही है, जिससे बेरोजगारों को झटका लग सकता है.
राजस्थान सरकार फिर से परीक्षा के लिए आवेदन फॉर्म की फीस जमा करना अनिवार्य होगा. सरकार के इस फैसले का असर राजस्थान के 40 लाख बेरोजगारों पर पड़ेगा.
अशोक गहलोत की पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी साल में वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस का नियम बनाया था. उम्मीदवारों के केवल एक बार रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी थी.
एक बार रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के बाद उम्मीदवारों को भविष्य में किसी भी भर्ती परीरक्षा का फॉर्म भरने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता था.
अब वर्तमान की भजनलाल सरकार ने गहलोत सरकार के इस वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस नियम को बदलने वाली है. इसे खत्म करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है.
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का कहना है कि इससे सरकार को भारी नुकसान हो रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि इससे वो उम्मीदवार भी एप्लीकेशन फॉर्म भर देते हैं, जो परीक्षा नहीं देना चाहते. इससे आवेदकों की संख्या अधिक और परीक्षर्थी कम होते हैं.
एक परीक्षार्थी पर सरकार को 600 रुपये खर्च करने होते हैं. मगर 60% परीक्षार्थी परीक्षा में नहीं बैठ रहे. इससे सरकार का पैसा बर्बाद हो रहा है.
नए नियम के तहत आरक्षित वर्ग को परीक्षा शुल्क के रूप में 200 रुपये देने होंगे और सामान्य वर्ग को परीक्षा शुल्क के रूप में 300 रुपये देने होंगे.