17 December 2024
किन्नरों की तालियां ही ये बताने के लिए काफी होती है कि वे दरवाजे पर आ चुके हैं. उनकी तालियों की आवाज एक खास तरह की होती है.
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बच्चों के जन्म, शादी-ब्याह के मौके पर पहुंचकर किन्नर ताली बजाकर बधाई देते हैं. ताली बजाने का इनका एक अलग अंदाज होता है. आम लोगों की तालियों से ये अलग होती है.
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किन्नर बिना मतलब कभी भी ताली नहीं बजाते हैं. ताली बजाने के तरीके और उसकी आवाज से एक किन्नर दूसरे किन्नर की पहचान कर लेता है.
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कई बार फर्जी किन्नर भी पैसा उगाही के लिए वेश बदलकर घूमते रहते हैं. ऐसे में असल किन्नर उनकी तालियों की आवाज से ही पहचान कर लेते हैं कि ये हमारी बिरादरी के नहीं बल्कि पुरुष या महिला हैं.
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इस तरह किन्नर अपनी पहचान को दर्शाने और भावनाएं जाहिर करने के लिए ताली बजाते हैं. किन्नरों के लिए ताली बजाना पहचान का एक तरीका है.
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वैसे तो किन्नर शादी-ब्याह और बच्चों के जन्म जैसे उत्सवों पर ताली बजाकर खुशी का इजहार करते हैं. इसका मतलब शुभ होता है. किन्नरों की ताली दूसरों के लिए आशीर्वाद के साथ-साथ उनकी मौजूदगी का सबूत भी है.
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वैसे इनकी बिरादरी में कई बार सुख-दुख या लड़ाई-झगड़े के दौरान भी तालियां बजाई जाती हैं. ये उनकी भावनाओं को प्रस्तुत करने का भी एक जरिया होता है.
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किन्नर जब ताली बजाते हैं तो एक हाथ वर्टिकल और दूसरा हॉरिजेंटल होती है. इसके अलावा हाथ की उंगलियां दूर-दूर रहती है.
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इस तरह से ताली बजाने से एक अलग तरह की जोरदार आवाज निकलती है, जो इन्हें दूसरों से अलग बनाता और बताता है कि ये ही किन्नर हैं.
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