04 Feb 2025
साल 2022 में उत्तर प्रदेश कैडर से IAS राम सब्बनवार ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर 202 रैंक हासिल की थी.
IAS राम की कहानी हर उस कैंडिडेट को प्रेरित करती है जो यूपीएससी का एग्जाम क्लियर कर कुछ बनना चाहते हैं.
राम सब्बनवार ने स्कूली पढ़ाई नवोदय विद्यालय से की. नवोदय विद्यालय में उस दौर में दाखिला पाना आसान नहीं माना जाता था. जिले से केवल 80 बच्चे नवोदय स्कूल में जाते थे.
बचपन से पढ़ाई में तेज राम ने स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.
इसी दौरान उन्हें Google में इंटर्नशिप करने का भी मौका भी मिला.
इसके बाद उन्होंने TISS-Mumbai से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में MBA किया.
कुशाग्र बुद्धि के धनी राम सब्बनवार को हमेशा स्कॉलरशिप मिलती गईं. वो पढ़ते गए और साथ में कई जॉब ऑफर भी सामने थे.
करियर एकदम पटरी पर था. वो कॉर्पोरेट की दुनिया में जाने की तैयारी कर चुके थे, मगर इसी दौरान उनके जीवन में कुछ ऐसा घटा जिसने उनकी सोच को ही बदल डाला.
जब वह पुणे में नौकरी कर रहे थे तब उनकी काफी ज्यादा तबीयत खराब हो गई थी. इस दौरान सरकारी अस्तपाल से इलाज के दौरान उन्हें काफी परेशानी हुई.
इसके बाद सिस्टम को दुरुस्त करने के इरादे से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.
राम ने 2019 में UPSC की तैयारी शुरू कर दी. अपने पहले प्रयास में ही वह इंटरव्यू तक पहुंचे, मगर कामयाबी हाथ नहीं लगी.
अपने दूसरे अटेम्प्ट में उन्होंने पूरा जोर लगाया और ऑल इंडिया 202 रैंक हासिल की. LBSNAA में ट्रेनिंग पूरी कर वह मुजफ्फरनगर जिले में असिस्टेंट कलेक्टर बने.
आज IAS राम सब्बनवार उत्तर प्रदेश के सैदपुर जिले में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं.