24 Oct 2024
UPSC की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. सिविल सेवा परीक्षा को पास करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है.
ऐसे में चुनौतियों का सामना कर कामयाबी पाने वालों की कहानी और भी प्रेरणादायक हो जाती है. ऐसी ही कहानी है IAS पल्लवी वर्मा की.
पल्लवी वर्मा ने साल 2020 में यूपीएससी की ऑल इंडिया रैंक 340 हासिल की थी. पल्लवी को यह कामयाबी दूसरे-तीसरे नहीं, बल्कि 7वें प्रयास में मिली.
पहले से लेकर छठवें अटेंप्ट तक फेल होने पर भी पल्लवी की हिम्मत नहीं टूटी और वह प्रयास करती रहीं क्योंकि उरपर खुदकर भरोसा.
अगर आप खुदपर भरोसा रखें और पूरी मेहनत लग्न ने तैयारी करें तो मंजिल मिल ही जाती है.
इंदौर की रहने वाली पल्लवी ने अपनी स्कूली शिक्षा इंदौर से की और फिर बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन किया. अपने परिवार की वह पहली लड़की थीं जिसे यूनिवर्सिटी जाने और पढ़ने का मौका मिला.
ग्रेजुएशन के बाद पल्लवी ने चेन्नई में सॉफ्टवेयर टेस्टर के तौर पर एक साल से कम समय तक काम किया और 2013 के बाद वह पूरी तरह से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लग गईं.
उन्होंने 2013 से 2020 तक यूपीएससी की परीक्षा दी. वह 3 बार प्रीलिम्स में फेल हुईं, 1 बार मेन्स में असफल हुईं और 2 बार इंटरव्यू में पहुंचने के बाद भी सफलता नहीं मिली.
अपने 7वें प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया 340 रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा किया.
साल 2020 में पल्लवी की मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, उस दौरान पल्लवी मां का ख्याल भी रखती थीं और अपनी पढ़ाई भी करती थीं.