22 February 2025
आज से 53 साल पहले एक महिला विमान हादसे में 33 हजार फीट की ऊंचाई से गिरकर भी जिंदा बच गई. इस तरह से दुर्घटना के साथ ही उस दिन एक रिकॉर्ड भी बना जो आजतक अटूट है.
Credit: Pexels
26 जनवरी 1972 को स्वीडन के स्टॉकहोम से सर्बिया के बेलग्रेड के बीच उड़ा विमान चेक गणराज्य के ऊपर से गुजरते वक्त विस्फोट के बाद तीन टुकड़ों में बंट गया.
Credit: Pexels
ये थी जेएटी यूगोस्लाव एयरलाइंस की फ्लाइट 367. इसमें वेस्ना वुलोविक फ्लाइट अटेंडेंट थीं. दुर्घटना में विमान में सवार सभी लोग मारे गए. सिर्फ वेस्ना जिंदा बचीं थी.
33,333 फीट (10,160 मीटर; 6.31 मील) की ऊंचाई से गिरने के बावजूद बच गई. 50 वर्ष बाद भी पैराशूट के बिना अब तक की सबसे ऊंचाई से जंप लगाने वाली शख्सियत मानी गईं हैं.
Credit: Getty
वेस्ना के चमत्कारिक रूप से जीवित बचने का कारण विमान के मुख्य भाग में भोजन की गाड़ी द्वारा उसे फंसाया जाना बताया गया.
Credit: AFP
विमान का धड़ बाकी विमान से अलग हो गया और चेकोस्लोवाक गांव सर्बस्का कामेनिस के पास घने जंगल वाले इलाके में जमीन की ओर तेजी से गिरा. विमान एक अनुकूल कोण पर मोटी बर्फ में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसने संभवतः वेस्ना की जान बचाई.
Credit: Getty
वेस्ना को स्थानीय ग्रामीण और द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व चिकित्सक ब्रूनो होन्के ने मलबे के अंदर चीखते हुए पाया, जो बचाव दल के पहुंचने से पहले उसे आवश्यक प्राथमिक उपचार देने में सक्षम थे.
Credit: Getty
वेस्ना बच गई, लेकिन उसे बहुत गंभीर चोटें आईं और अगले कुछ दिन वह कोमा में रहीं. उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर थे. दो पैर टूट गए. रीढ़ की हड्डी में चोट लगी, कई पसलियां टूटीं और कमर के नीचे अस्थायी पक्षाघात हो गया.
Credit: Getty
1985 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हॉल ऑफ फेम समारोह के हिस्से के रूप में, पॉल मेकार्टनी ने वेस्ना को बिना पैराशूट के सबसे ऊंची छलांग लगाने के लिए एक प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किया.
Credit: Getty
दिसंबर 2016 में 66 वर्ष की आयु में वेस्ना वुलोविक का निधन हो गया, लेकिन वेस्ना वुलोविक के नाम ये रिकॉर्ड अबतक अटूट है.
Credit: AP