18 Dec 2024
Credit: PTI
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) नामक माप यह बताता है कि किसी विशेष स्थान पर हवा कितनी खराब हो गई है.इसकी रीडिंग आमतौर पर श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए चेतावनी के रूप में काम करती है.
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सरल शब्दों में कहें तो AQI वायु में मौजूद हानिकारक प्रदूषकों जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 व PM10 कण) का 0 से 500 तक का सूचकांक है.
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यह संख्या जितनी अधिक होगी, हवा उतनी ही खराब होगी. साथ ही इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी इतनी ही ज्यादा होंगी.
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उदाहरण के लिए AQI का 50 का स्तर अच्छी वायु गुणवत्ता को बताता है, जिससे लोगों की सेहत को कोई हानिकारक प्रभाव नहीं होता.
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वहीं, 300 का स्तर बेहद खतरनाक होता है, जो सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.
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