24 Dec 2024
जब हम अपनी मेल आईडी से किसी को मेल भेजते हैं तब टू (TO), सीसी (CC) और बीसीसी (BCC), तीन ऑप्शन मिलते हैं.
जिस शख्स को मेल भेजना है उसकी आइडी टू में डाली जाती है लेकिन फिर सीसी और बीसीसी का यूज क्या है?
आइए इन तीनों का सही यूज और फुलफॉर्म में जानते हैं.
'To' में हम उस व्यक्ति की ईमेल आईडी डालते हैं जिसको सीधा मेल भेजना चाहते हैं.
'Cc' में हम उस शख्स की ईमेल आईडी डालते हैं जिसको हमें ये जानकारी देनी होती है कि किसे मेल भेजा गया है. हम उसे एड्रेस करके मेल भेजते हैं.
अब एक सवाल मन में उठता है कि आखिर To और Cc फील्ड में फर्क क्या है.
अगर आप चार लोगों का नाम टू में जाकर मेल करते हैं तो उनमें से एक दूसरे को ये पता नहीं चल पाएगा कि आखिर किन किन लोगों को मेल भेजा गया है.
जबकि Cc का मतलब होता है Carbon Copy. अगर आप किसी वयक्ति को मेल भेज रहे हैं और चाहते हैं कि बाकी लोगों को इसके बारे में जानकारी रहे तो आप उन सभी लोगों को सीसी में रख सकते हैं.
ऐसा अक्सर तब किया जाता है जब हमें किसी सीनियर को इसके बारे में जानकारी देनी होती है. इससे सीनियर को ये भी पता चल जाता है कि मेल का जवाब क्या दिया गया.
Bcc का फुल फॉर्म है Blind Carbon Copy. Bcc, To और Cc से बिल्कुल अलग है
To और Cc वाले इंसान एक दूसरे की ईमेल आई़डी देख सकते हैं. अगर आप Email भेजने के लिए Bcc का इस्तेमाल करते हैं तो Bcc दोनों (To and Cc) से गुप्त रहेगा.
अगर हम एक ही E-mail 3 लोगों को भेजें, एक को To में Add करें और दूसरे इंसान को Cc में Add करें और तीसरे इंसान को Bcc में Add करें तो To और Cc एक दूसरे की ईमेल ID देख सकते हैं.