08 Jan 2025
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे टफ और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है. इस परीक्षा में छोटी सी गलती भी आपके IAS-IPS बनने के सपने का रोड़ा बन सकती है.
यूपीएससी परीक्षा में हर छोटी-छोटी चीज बड़े मायने रखती है. फॉर्म भरने से लेकर इंटरव्यू तक, उम्मीदवार को हर पड़ाव पर सतर्क रहना होता है.
TID और RID भी उन्हीं में से एक है, जिसे गलत भरने पर आपकी यूपीएससी की परीक्षा की उम्मीदवार रद्द हो सकती है और आप परीक्षा में नहीं बैठ सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
यूपीएससी द्वारा जारी FAQs के अनुसार, RID यानी रजिस्ट्रेशन आईडी, जो सिस्टम द्वारा तब जनरेट होती है जब कोई उम्मीदवार अपने आवेदन का PART-I रजिस्ट्रेशन पूरा करता है.
वहीं TID यानी ट्रांजेक्शन आईडी है, जो उम्मीदवार को तब मिलती है जब वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से शुल्क नकद जमा करता है.
अगर शुल्क इंटरनेट बैंकिंग या क्रेडिट/डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान किया जाता है, तो TID स्वचालित रूप से जनरेट हो जाती है.
अगर उम्मीदवार बैंक चालान के माध्यम से शुल्क जमा करते समय गलत TID दर्ज कर देते हैं, तो इसके परिणामस्वरूप आवेदन अस्वीकृत हो सकता है.
कई बार उम्मीदवार बैंक चालान से शुल्क जमा करने के बाद गलत TID या पहले उपयोग की गई पुरानी TID दर्ज कर देते हैं.
यूपीएससी का कहना है कि जब उम्मीदवार एक से अधिक आवेदन करते हैं, तो यह देखा गया है कि वे एक एप्लिकेशन की TID को किसी अन्य एप्लिकेशन के RID के साथ जोड़ देते हैं.
कई उम्मीदवार फीस जमा नहीं करते हैं, या किसी एक आवेदन की फीस जानकारी को दूसरे आवेदन के साथ जोड़ते हैं. इन सभी स्थितियों में ऑनलाइन आवेदन रद्द (Rejected) हो सकता है.
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे TID दर्ज करते समय सावधानी बरतें और यह सुनिश्चित करें कि सही जानकारी दर्ज हो. गलत TID दर्ज करने से बचने के लिए चालान या ट्रांजेक्शन की रसीद को ध्यान से चेक करें.