कौन हैं वो पूर्व IAS, जिनकी गोधरा कांड वाली किताब पर छिड़ा विवाद

01 Nov 2024

साल 2002 में गुजरात में हुए दंगों पर छपी एक किताब पर इन दिनों राजस्थान में नया विवाद खड़ा हो गया है. राज्य सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई जा रही गोधरा कांड पर आधारित किताब को वापस लेने का फैसला लिया है.

पिछली गहलोत सरकार के दौरान 'अदृश्य लोग- उम्मीद और साहस की कहानियां' नाम की किताब सरकार ने राजस्थान के स्कूली सिलेबस में शामिल किया था.

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि इस किताब में गोधरा कांड के बारे में झूठ फैलाया जा रहा है और समाज को बांटा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि किताब में गोधरा में ट्रेन जलाने वालों का महिमामंडन किया जा रहा है और हिंदुओं को अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है. गुजरात की तत्कालीन सरकार के बारे में भी गलत चीजें लिखी गई हैं.

दरअसल, यह किताब पूर्व IAS अधिकारी हर्ष मंदर ने लिखी है, जो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कई जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं.

पूर्व आईएएस हर्ष मंदर 25 से अधिक किताबें लिख चुके हैं. उनके लेखन का विषय भारत के सबसे हाशिए पर पड़े लोग हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में.

हर्ष मंदर का जन्म 17 अप्रैल 1955 को शिलांग में सिख परिवार में हुआ था. लेकिन उनका परिवार मूल रूप से पाकिस्तान के रावलपिंडी का रहने वाला था.

विभाजन के समय उनका परिवार रावलपिंडी से शिलांग आकर बस गया था. उनके पिता हर मंदर सिंह भी सिविल सर्वेंट थे.

हर्ष मंदर ने 1980 में UPSC की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करके आईएएस अधिकारी बने थे. वह मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस थे.

उन्होंने साल 2002 में गुजरात में हुए दंगों के बाद इस्तीफा देकर NGO में काम शुरू किया. वह एक जाने-माने कॉलमिस्ट, रिसर्चर, टीचर और सोशल एक्टिविस्ट हैं.

वह आईआईएम अहमदाबाद में पॉवर्टी एंड गवर्नेंस पढ़ा चुके हैं. वह अमेरिका के भी कई विश्वविद्यालयों में भी पढ़ा चुके हैं.