कौन होते हैं वक्फ बोर्ड के CEO? मिलती है इतनी सैलरी

02 April 2025

आज, 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पेश होने वाला है. बीजेपी ने अपनी सभी लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर संसद में मौजूद रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने का निर्देश दिया है.

वहीं दूसरी ओर विपक्ष बिल के विरोध पर रणनीति तैयार करने के लिए अपने सांसदों के साथ बैठक कर रहा है. वक्फ संशोधन विधेयक में कई महत्वपू्र्ण बदलाव प्रास्तावित किए हैं, जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए हैं. 

बिल में राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में अब दो गैर मु्स्लिम सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य हो जाएगा. साथ ही बोर्ड में दो मुस्लिम महिलाओं की नियुक्ति का भी प्रावधान है.

ऐसे में वक्फ बोर्ड के CEO की भूमिका अहम हो जाती है. आइए जानते हैं वक्फ बोर्ड के CEO कौन होते हैं, उनकी जिम्मेदारियां और सैलरी कितनी होती है?

वक्फ बोर्ड के CEO (Chief Executive Officer) एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होते हैं, जो राज्य वक्फ बोर्ड के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हैं.

वक्फ बोर्ड के CEO कौन होते हैं?

वक्फ अधिनियम, 1995 के अनुसार, वक्फ बोर्ड के CEO की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है. अक्सर इस पद पर  IAS-RAS, PCS या सीनियर प्रशासनिक अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है.

वक्फ बोर्ड CEO की नियुक्ति कौन करता है?

वक्फ बोर्ड के CEO राज्य में वक्फ संपत्तियों के उचित उपयोग और संरक्षण को सुनिश्चित करते हैं. वक्फ अधिनियम, 1995 के अनुसार, वे कानूनी मामलों की देखरेख करते हैं और किसी भी अनियमितता पर कार्रवाई करते हैं.

भूमिका और जिम्मेदारियां

बोर्ड के कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी गतिविधियों का समन्वय करते हैं. वक्फ की आय, खर्च और संपत्तियों की देखरेख करना CEO की जिम्मेदारी होती है.

वे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच समन्वय करते हैं और वक्फ संपत्तियों के विकास से जुड़े सरकारी योजनाओं को लागू करने में सहायता करते हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, IAS-PCS अधिकारियों को अतिरिक्त पदभार के तौर पर वक्फ बोर्ड CEO नियुक्त किया जाता है, इसके लिए अलग से सैलरी नहीं दी जाती. 

सैलरी और सुविधाएं