08 Jan 2025
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को आठवां अजूबा यूं नहीं कहा जाता. यह इंजीनियरिंग का आश्चर्यजनक उदाहरण है. दुबई के आसमान में बादलों को छूती 163 मंजिला इमारत 7.0 तीव्रता तक के भूकंप को झेल सकती है.
बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर (2716.5 फीट) है. यह आइफिल टॉवर से तीन गुना लंबा और एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से लगभग दोगुना लंबा है.
बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची फ्रीस्टैंडिंग स्ट्रक्चर भी है. इसमें दुनिया में सबसे ज्यादा मंजिलें हैं, दुनिया में सबसे ज्यादा आउटडोर ऑब्जर्वेशन डेक है, और दुनिया की सबसे ऊंची सर्विस लिफ्ट है.
बुर्ज खलीफा के निर्माण में इस्तेमाल हुए कंक्रीट का वजन एक लाख हाथियों के बराबर बताया जाता है. क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत की नींव में क्या खास चीज है, आइए जानते हैं.
बुर्ज खलीफा की नींव में 12,500 क्यूबिक मीटर कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है. इस कंक्रीट को सुपर-स्टॉन्ग स्टील रिइंफोर्समेंट के साथ जोड़ा गया है ताकि यह भारी दबाव और झटकों को सह सके.
नींव को गहराई तक मजबूत बनाने के लिए 194 पाइल्स (स्तंभ) जमीन में 50 मीटर (164 फीट) की गहराई तक लगाए गए हैं. ये पाइल्स जमीन के सख्त चट्टानी हिस्से तक पहुंचती हैं, जिससे बिल्डिंग को स्थिरता मिलती है.
नींव को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है ताकि यह भूकंप, तेज़ हवा, और भारी भार को झेल सके. नींव के पाइल्स पर एक खास तरह की पॉलीथीन कोटिंग की गई है, जो इन्हें नमी और जंग लगने से बचाती है.
बुर्ज खलीफा की नींव को तैयार करने में इंजीनियरिंग की हाईटेक टेक्नोलॉजी का यूज किया गया, जो इसे अद्भुत बनाती है.
इसके अलावा, बुर्ज खलीफा का आकार तिपाई यानी Y जैसा है जो इसे मजबूत और स्थिर रहने में मदद करता है. इस इमारत का यह डिजाइन इसे हवाओं के तेज प्रभाव से बचाता है और प्रतिरोध से भी सुरक्षा देता है.
यह पूरे स्ट्रक्चर का वजन समान रूप से जमीन में फैलाता है और इमारत को स्थिर बनी रहती है, जिससे यह तेज हवाओं और प्राकृतिक आपदाओं में भी खड़ी रहती है.
All Photos Credit: FB @Burj khalifa by emaar