08 Nov 2024
भारत में कई नेता या कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें सरकार की ओर से सिक्योरिटी मिली है. ये सुरक्षा भी कई तरह की होती है.
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इसमें एक सुरक्षा होती है, जिसका नाम है जेड प्लस (एनएसजी कवर). इस सुरक्षा में एनएसजी के कमांडो उस शख्स को प्रोटेक्ट करते हैं.
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क्या आप जानते हैं जिन लोगों को जेड प्लस के साथ एनएसजी कवर मिलता है, उन लोगों के फैमिली मेंबर भी उनकी कार में नहीं बैठ सकते हैं.
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अगर किसी नेता को ये सिक्योरिटी मिली है तो वो अपनी पत्नी को कार में नहीं बैठा सकते हैं. इसके लिए एनएसजी सिक्योरिटी की परमिशन जरूरी है.
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एनएसजी कमांडो रहे एक ऑफिसर ने एक पॉडकास्ट में बताया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से जिसे सिक्योरिटी मिलती है, वो अपनी कार में वाइफ को नहीं बैठा सकता.
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उन्होंने बताया था उनका परिवार दूसरी गाड़ी में सफर करता है. काफिले के साथ भी कुछ कार ऐसी चलती हैं, जिसके बारे में लोगों की जानकारी नहीं होती है.
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ये सिक्योरिटी स्टाफ तय करता है कि किसे कहां बैठना है, कब कैसे जाना है और किस गाड़ी में बैठना है और वो गाड़ी किस नंबर पर रहेगी.
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बता दें एनएसजी कवर में एनएसजी का काम मोबाइल सिक्योरिटी देना होता है यानी वो शख्स को किसी स्थान से लाने जाने का काम करते हैं.
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उनके घर में सुरक्षा एनएसजी की ओर से नहीं की जाती है, वो सिर्फ रास्ते में सिक्योरिटी देते हैं.
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