आराध्या को कैसे संस्कार दे रहे अभ‍िषेक? बोले- मेरे ल‍िए पापा का कहा सही था लेकिन अब...

20 JAN

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अभिषेक बच्चन एक बेहतरीन एक्टर होने के साथ एक शानदार पिता भी हैं. अपनी लाडली बेटी आराध्या के वो काफी करीब हैं.

क्या बोले अभिषेक?

अब एक लेटेस्ट इंटरव्यू में अभिषेक ने बताया कि पेरेंट होने के तौर पर वो अपनी टीनएजर बेटी को कैसे संस्कार और वैल्यूज देना चाहते हैं. 

CNBC संग बातचीत में अभिषेक बच्चन बोले- आप पूरी जिंदगी इस बात की खोज करते हो कि आप आखिर कौन हो. 

लेकिन, कुछ ऐसी वैल्यूज हैं, जिनका आपको पालन करना चाहिए और अगर आप उन वैल्यूज के आधार पर पहचाने और याद किए जा सकें, तो मुझे लगता है कि आपने एक सफल जीवन जिया है.

अभिषेक आगे बोले- मेरी परवरिश कुछ इसी तरह हुई है. मैंने अपने माता-पिता को ये चीजें करते देखा है. मैं उम्मीद करता हूं कि अपनी बेटी के लिए मैं भी ऐसा ही कर पाऊं. 

अभिषेक से पूछा गया कि क्या पेरेंट्स बच्चों के बेस्ट टीचर्स होते हैं? इसपर उन्होंने का- मुझे नहीं पता कि पेरेंट्स सबसे अच्छे टीचर्स होते हैं या नहीं. मैं इस बारे में श्योर नहीं हूं. 

मुझे लगता है कि बच्चों के लिए हमारे इमोशन्स और ख्वाहिशें रुकावट बनती हैं. हम उम्मीद करते हैं कि वो सब कुछ सही करें, सक्सेसफुल हों और खुद को चोट न पहुंचाएं. उनके के लिए हमारे इमोशन्स हमारे फैसलों पर असर डाल सकते हैं. 

मैंने अपने माता-पिता से जो कुछ भी सीखा है और अपनाया है, वो उन्हें देखकर सीखा है. उन्होंने मुझे मेरे फैसले खुद लेने की आजादी दी है. लेकिन, अगर मैं कभी फंस जाता हूं, तो मैं फिर सोचता हूं कि ऐसी सिचुएशन में मेरे पिताजी क्या करते?

यंग जनरेशन के बारे में अभिषेक बोले- एक बात जो मैंने युवा पीढ़ी के बारे में महसूस की है, वो यह है कि वो बहुत अलग हैं. जब हम बड़े हुए, तो हमें पता था कि एक बार जब आपके माता-पिता कुछ कहते हैं, तो आपको बस उसे सुनना होता है.

मगर युवा पीढ़ी सिर्फ़ इसलिए कुछ नहीं करेगी, क्योंकि उनके माता-पिता ने कहा है. आप बड़े हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपके पास सही जवाब है, क्योंकि युवा पीढ़ी के पास अब गूगल है.