30 JAN
Credit: Instagram
फिल्म 'रंग दे बसंती' फेम एक्टर सिद्धार्थ साउथ इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं. वो कम लेकिन अच्छी फिल्में करने में यकीन रखते हैं.
हैदराबाद लिटरेरी फेस्टिवल में सिद्धार्थ ने सिनेमा से जुड़े कई पहलुओं पर बात की. उन्होंने टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी पर खुलकर अपनी राय रखी.
उन्होंने कहा- मुझे ऐसी स्क्रिप्टस मिलती थीं जहां महिला को थप्पड़ मारना है, आइटम सॉन्ग करने हैं, हीरोइन की नाभि को पिंच करना है...
सीन में महिला को बताना था कि वो क्या करें, कहां उसे जाना चाहिए...मैंने बेझिझक ऐसे रोल्स ठुकराए. यकीनन अगर मैं ऐसी मूवीज करता तो आज बड़ा स्टार होता.
लेकिन मैं थोड़ा अलग हूं और वियर्ड हूं. मैंने वो किया जो मुझे पसंद आया. सिद्धार्थ ने बताया उनके किरदारों का लोगों पर अच्छा असर पड़ा है.
खासतौर पर जहां महिलाओं, पेरेंट्स और बच्चों के सम्मान की बात आती है. उन्हें खुशी है 15 साल पहले आई उनकी फिल्म आज की जेनरेशन भी देख सकती है.
उन्होंने बीते सालों में ऑडियंस पर अच्छी छाप छोड़ी है. फिल्मों को लेकर अपनी इस अप्रोच की वजह से वो संतुष्ट फील करते हैं.
सिद्धार्थ 20 साल से इंडस्ट्री में हैं. वो अपनी वर्सटैलिटी के लिए जाने जाते हैं. उनकी अपकमिंग फिल्म टेस्ट है. इसमें उनके साथ नयनतारा, माधवन हैं.