20 AUG
Credit: Social Media
जावेद अख्तर और सलीम खान की डॉक्यूमेंट्री 'द एंग्री यंग मैन' ओटीटी पर स्ट्रीम हो चुकी है. डॉक्यू-सीरीज में दोनों दिग्गज सितारे अपनी मां को याद करते हुए इमोशनल हो गए.
अपनी मां की याद में सलमान खान के पिता सलीम खान बोले- 5 से 9 साल की उम्र तक मैं अपनी मां के साथ नहीं रह सका, क्योंकि मुझे उनके पास जाने की इजाजत नहीं थी.
मां को टीबी की बीमारी थी. उस समय इस बीमारी का कोई इलाज नहीं था. मां मुझे दूर से ही देखती थीं.
एक दिन उन्होंने मुझे खेलते हुए देखा और पूछा- ये कौन लड़का है? ये किसका बच्चा है? तब हाउसहेल्प ने उन्हें बताया कि मैं उन्हीं का बेटा हूं.
उन्होंने मुझे बुलाया और दूर ही खड़े रहने को कहा. मुझे देखकर वो रोने लगीं. आज भी जब मुझे वो पल याद आता है तो मैं रोने लगता हूं. मेरी आंखों से आंसू बहने लगते हैं.
मुझे अपने लिए बुरा नहीं लगता, मगर मैं ये सोचता हूं कि उस वक्त वो कितनी तकलीफ में होंगी. 7 भाई-बहनों में मैं सबसे छोटा था. मेरी मां को हमेशा मेरी चिंता रहती थी.
सलीम खान ने कहा कि वो अपने पिता से काफी डरते थे, क्योंकि उनके पिता बहुत स्ट्रिक्ट थे. पिता के कदमों की आवाज सुनकर ही किताबें लेकर बैठ जाते थे.
लेकिन मां की मौत के बाद वो पिता के काफी करीब आ गए थे. वो उन्हें घुमाने ले जाते थे. लेकिन उनका भी निधन हो गया था. तब अकेलापन उन्हें डरावना लगता था.
जावेद अख्तर भी अपनी मां को याद कर इमोशनल हो गए. उन्होंने बताया कि जब वो 8 साल के हुए तब उनके जन्मदिन के अगले ही दिन उनकी मां चल बसी थीं.
जावेद बोले- आखिरी बार मैंने उन्हें सफेद कफन में लिपटा देखा था. महीनों तक मुझे दिन-रात सपने में वही कफन दिखाई देता था. अकेले कमरे में भी जाने से मुझे डर लगता था.
'लेकिन ये बात मैंने कभी किसी को नहीं बताई.' जावेद अख्तर ने कहा कि वो आज भी अपनी मां को याद करते हैं.