शर्ट लूज... पर 'चौड़' फुल! हाथीराम चौधरी के कैरेक्टर में हैं ये मजेदार खूबियां

20 Jan 2025

Credit: Prime Video

'पाताल लोक' के सीजन 2 के साथ इंस्पेक्टर हाथीराम चौधरी की भी दमदार वापसी हो चुकी है. एक्टर जयदीप अहलावत का निभाया ये किरदार फिर से चर्चा में है. 

पाताल लोक का परमानेंट निवासी 

इंस्पेक्टर हाथीराम वैसे तो एक कल्ट कैरेक्टर है जो 'पाताल लोक 2' से दिल में ही उतर जाता है. लेकिन इंस्पेक्टर साहब को समझने के लिए उनकी खूबियां और कुछ कमियां समझ लेना जरूरी है.

हाथीराम की पसंद-नापसंद

हाथीराम बड़े से बड़े कांड में भी फुल पॉजिटिव रहते हैं और कहते हैं 'भोत बढ़िया'. केस सॉल्व होने का क्रेडिट बड़े-बुजुर्गों को देते हैं. उतरी शक्ल देख के सीधा कहते हैं- 'तेरवीं जैसी शक्ल क्यों बना रखी है?!'

सुपर पॉजिटिव व्यक्ति

सर 'कती निखड़ू जाट आदमी हैं'. उन्हें होमोसेक्सुअलिटी वगैरह के कॉन्सेप्ट बिल्कुल नहीं समझ आते. लेकिन अगर किसी को अंदर से ये सही लगता है, तो यही सही है. कोई टेंशन लेने की जरूरत नहीं.

'वोक' हाथीराम

पुलिस महकमे का आदमी कागजों का कच्चा हो, अच्छा थोड़े ही लगता है! चोरी से किसी के दफ्तर में घुसना हो, या जान का रिस्क हो... हाथीराम जी तय रखते हैं कि आईडी नहीं छूटनी चाहिए, फिर चाहे जो हो.

हमेशा पूरे कागजात 

हाथीराम साहब लगते अक्खड़ हैं, लेकिन केयरिंग बहुत हैं. एक बच्चे के चलते ही वो नागालैंड तक जा पहुंचे. अपराधियों तक की वो पूरी केयर करते हैं और पीटने से पहले बोल देते हैं 'जान से मार दूंगा, देख ले.'  

केयरिंग नेचर

जनता के फेवरेट सुपर-कॉप की हनुमान जी में बहुत पक्की आस्था है. सिर्फ उनकी जिप्सी में ही उड़ते हुए हनुमान जी नहीं विराजते, वो मदद मांगते हुए भी अक्सर कहते हैं- 'हनुमान जी भला करेंगे.' 

हनुमान भक्त 

इंस्पेक्टर साहब को पहनावे में कम्फर्ट चाहिए. कैजुअल का मतलब कैजुअल है. शर्ट अगर खाकी नहीं है, तो वो पैंट के अंदर नहीं जाएगी. टाई के लिए तो पूछना भी पाप है वर्ना वो कहेंगे 'फांसी ना लगा लूं!' 

सादे पहनावे से प्यार

हाथीराम चौधरी को ये सलाह देना बेकार है कि वो थोड़ा सॉफ्ट बनकर रहें या फिर दबंगई ना दिखाएं. क्योंकि उनका सीधा पॉइंट है- 'बिना चौड़ का कोई चौधरी देखा है?!'

'चौड़' एकदम टाइट 

देखने में हाथीराम जी आपको थोड़े अनफिट लग सकते हैं क्योंकि उनकी तोंद है. मगर उनके सामने पड़ने से पहले ये गलतफहमी दूर कर लेना बेहतर है क्योंकि कूटने-कुटाने में उनकी ट्रेनिंग बचपन से है. 

एक्शन लवर 

हाथीराम जी केवल काम की बात करते हैं. इंटेरोगेशन में फालतू की 'पैं-पैं' करते अपराधी या बार-बार कॉल करते लोगों से उन्हें सख्त चिढ़ है. 

नो बकवास 

कहते हैं मेहनत का फल मीठा होता है. लेकिन अनानास हमेशा मीठा निकले ये जरूरी नहीं! शायद इसीलिए हाथीराम को अनानास नहीं पसंद. इसकी एक और वजह भी है, जो सीजन 2 के पहले एपिसोड में है. 

पाइनएप्पल से चिढ़

हाथीराम सर को वैसे तो पूरे शो में कहीं कुछ खाते हुए देखना बड़ा दुर्लभ है. लेकिन केस सॉल्व होने के बाद वो कुल्फी खाकर सेलिब्रेट जरूर कर लेते हैं. 

आइस-क्रीम लवर

आज तक डॉट इन का रिव्यू कहता है कि जयदीप अहलावत का शो 'एंगेजिंग और दमदार है' और ये शो आगे चलकर 'कल्ट-क्लासिक' कहलाएगा. आपको 'पाताल लोक 2' कैसे लगा, हमें जरूर बताएं. 

दमदार है 'पाताल लोक 2'