11 अक्टूबर 2024
फोटो क्रेडिट: इंस्टाग्राम
मल्लिका शेरावत अपनी नई फिल्म 'विक्की विद्या का वो वाला वीडियो' को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक्ट्रेस ने अपने बचपन को लेकर बात की.
मल्लिका हरियाणा में पैदा हुई थीं. उन्होंने बताया कि उनका बचपन काफी मुश्किलों भरा था और उन्होंने एक लड़की होने की वजह से काफी भेदभाव अपने घर में ही सहा.
हॉटरफ्लाइ संग बातचीत में एक्ट्रेस ने कहा, 'मुझे किसी का सपोर्ट नहीं मिला. न मेरी मां का, न पिता का. मेरे परिवार ने मुझे सपोर्ट नहीं किया.'
एक्ट्रेस ने ये भी बताया कि कई अन्य परिवारों की तरह उनका परिवार भी पितृसत्तात्मक था, जिसकी वजह से उन्हें मिलने वाले मौके और आजादी कम थे.
उन्होंने कहा, 'जिस तरह मर्द औरतों के साथ व्यवहार करते हैं वो अलग बात है. लेकिन जैसे औरतें, औरतें के साथ वयहार करती हैं उसका क्या? एक औरत पेट्रीआर्की से दूसरी को बांधती है.'
बचपन को याद कर मल्लिका बोलीं, 'मेरे पेरेंट्स मुझमें और मेरे भाई में भेदभाव करते थे. बड़े होते हुए मैं इस बात को लेकर काफी दुखी होती थी कि मेरे पेरेंट्स क्यों मेरे साथ ऐसा भेदभाव करते हैं.'
'बचपन में मुझे ये समझ नहीं आया लेकिन अब आता है. वो लड़का है उसे विदेश भेजो, उसको पढ़ाओ, उसमें पैसे इन्वेस्ट करो. परिवार की सारी संपत्ति लड़के को जाएगी, पोते को जाएगी. लड़कियों का क्या? वो बोझ हैं.'
'तो मुझे बहुत बुरा लगता था. लेकिन फिर मुझे समझ आया कि मैं अकेली नहीं हूं. मेरे गांव में हर लड़की का यही हाल था. सबके साथ यही सब हो रहा था.'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरे पेरेंट्स ने मुझे अच्छी पढ़ाई दी. लेकिन एक ओपन माइंड नहीं दिया, अच्छे ख्याल नहीं दिए. उन्हें मुझे आजादी नहीं दी. मेरी परवरिश नहीं की. न ही कभी मुझे समझने की कोशिश की.'
'मैं चुपके-चुपके बहुत स्पोर्ट्स खेलती थी, क्योंकि मेरा परिवार इसकी इजाजत मुझे नहीं देता था. वो कहते थे कि तुम मर्दाना हो जाओगी. फिर तुमसे शादी कौन करेगा? मुझपर कई बंदिशें थीं.'
मल्लिका शेरावत ने ये भी कहा, 'जब मैं पैदा हुई थी मेरे परिवार में मातम छा गया था. मेरी मां, मुझे पक्का विश्वास है डिप्रेशन में चली गई थीं, बेचारी.'