30 SEPT
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मिथुन चक्रवर्ती हिंदी सिनेमा का बड़ा नाम हैं. करीबन 350 फिल्मों में काम कर चुके एक्टर को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार देने का ऐलान हुआ है.
लेकिन क्या आप जानते हैं मिथुन जिस मुकाम पर पहुंचे वो सक्सेस हासिल करने के लोग सपने ही देखते रह जाते हैं. जानें उनके स्ट्रगल के बारे में...
कोलकाता से निकलकर जब मिथुन काम की तलाश में मुंबई पहुंचे तो महीनों तक बेरोजगार रहे थे. दो वक्त की रोटी के मोहताज हो गए थे.
एक इंटरव्यू में एक्टर ने कहा था- मैंने ऐसे दिन भी देखे जब नहीं जानता था अगला खाना क्या होगा, कहां सोऊंगा, कई दिनों तक मैं फुटपाथ पर सोया हूं.
मिथुन ने बताया था कि लुक और स्किन की वजह से उन्होंने कई दफा रिजक्शन झेला था. उन्हें अपमानित किया गया. उनके पास मुंबई में रहने को घर नहीं था.
एक वक्त ऐसा भी आया जब वो बिल्डिंग की छतों और पानी की टंकी में सोते थे. ईटाइम्स को दिए इंटरव्यू में एक्टर ने बताया था कि संघर्ष के दिनों में उन्हें सुसाइड का ख्याल आता था.
रियलिटी शो 'हुनरबाज' में मिथुन ने बताया था कि वो एक समय पार्टीज में डांस कर पेट भरते थे. ताकि एक वक्त का खाना मिल सके. पैसे बचाने के लिए पैदल चलते थे.
महीनों इंतजार के बाद उन्हें हेलन का असिस्टेंट बनने का मौका मिला. शुरुआती करियर में वो फिल्मों में छोटे-छोटे रोल्स में दिखे. अमिताभ संग फिल्म 'दो अनजाने' में छोटा रोल मिथुन ने किया था.
पहली फिल्म 'मृगया' के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था. उनके करियर को माइलेज फिल्म 'डिस्को डांसर' ने दी. नॉन डांस होकर भी मिथुन ने उम्दा परफॉर्म किया था.