16 JAN 2025
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नाना पाटेकर फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज एक्टर हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं वो 1990 से लेकर 2013 तक भारतीय आर्मी में भी अपनी सेवा दे चुके हैं.
नाना पाटेकर ने इस बारे में खुद बात की थी. उन्होंने बताया था जब वो परिहार फिल्म की कहानी लिख रहे थे, तब सब छोड़कर वो आर्मी में भर्ती हो गए थे.
अपने करियर के पीक पर नाना ने ये फैसला लिया था, तब तक वो तीन नेशनल अवॉर्ड भी जीत चुके थे. लेकिन उनका देश प्रेम इन सबसे कहीं ऊपर था.
नाना ने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने तीन साल तक मराठा लाइट इन्फैंट्री के अंडर मिलिट्री की ट्रेनिंग ली थी. कर्गिल जंग लड़ने के लिए उन्होंने रक्षा मंत्री से स्पेशल परमिशन भी ली थी.
नाना ने कहा था- मैं करगिल युद्ध का हिस्सा बनना चाहता था और उस समय जॉर्ज फर्नांडिस रक्षा मंत्री थे. मैंने कमांडो कोर्स पूरा किया था और मैं नेशनल लेवल का शूटर भी हूं.
मैंने जंग में शामिल होने की इच्छा जताई, लेकिन जब मैंने जनरल पाटन को फोन किया, तो उन्होंने कहा कि वो मुझे नहीं ले सकते क्योंकि मैं एक सिविलियन हूं.
फिर मैंने फर्नांडिस को फोन किया, जिन्होंने भी ये कहते हुए मना कर दिया कि नागरिकों को अनुमति नहीं है. फिर मैंने कहा कि कमीशन पाने में छह महीने लगते हैं.
और मैंने पहले ही तीन साल ट्रेनिंग में बिता लिए हैं. ये सुनते ही उन्होंने मुझसे तुरंत पूछा कि मैं कब जाना चाहता हूं और मैंने कहा, 'आज.' और ऐसा ही हुआ."
नाना ने बताया कि उन्होंने LoC के पास जंग लड़ी थी.हालांकि इतने दिनों की लड़ाई का उनपर गहरा असर पड़ा था. जब वो गए थे तब 76 किलो के थे, वापस लौटे तो 56 किलो के हो चुके थे.
एक्टर को ऑनरेरी कैप्टन से लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर प्रमोट भी किया गया था. हालांकि, वो 2013 में 62 साल की उम्र में सेना से रिटायर हो गए थे.
आर्मी से रिटायर होने के बाद नाना ने फिर से फिल्मी दुनिया में कदम रखा और 2000 क्राइम ड्रामा फिल्म तरकीब में सीबीआई इंस्पेक्टर जसराज पटेल का किरदार निभाया था.