पाकिस्तान के खूंखार सीरियल किलर रहे जावेद इकबाल पर बनी फिल्म जल्द पाकिस्तानी सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. इस फिल्म के पीछे की कहानी आपका दिल दहला देगी.
एसिड में डालकर की हत्या
फिल्म में पाकिस्तानी एक्टर यासिर हुसैन, जावे इकबाल का रोल निभाते नजर आएंगे. 2 जून को रिलीज होने वाली इस फिल्म का नाम 'कुकरी' है.
जावेद इकबाल की बात करें तो उसने 1998 से 1999 तक के बीच 100 बच्चों की हत्या की थी. इकबाल एक साइको किलर था, जिसका खौफ उस जमाने में खूब हुआ करता था.
जावेद इकबाल समलैंगिक था. वो बच्चों के साथ दुराचार किया करता था. बच्चों को रिझाने के लिए कभी पैसे गिराना, स्कूल, जिम और एक्वेरियम खोलने जैसी चीजें उसने की थीं.
फोटो में एक्टर यासिर हुसैन
बच्चों को बहला-फुसलाकर जावे अपने घर लाता और उनके साथ दुराचार करता था. उसने एक डायरी भी रखी हुई थी, जिसमें वो बच्चों के पता, उम्र, कपड़े का रंग लिखा था.
दुराचार के बाद वो बच्चों की हत्या कर उनके शरीर को एसिड में डाल देता था. हर बच्चे की हत्या में हुए खर्च का ब्योरा भी जावेद इकबाल ने अपनी डायरी में लिखा था.
जावेद ने मीडिया के सामने अपनी करतूतों का खुलासा खुद किया था. उसने पाकिस्तान के फेमस अखबार 'जंग' के दफ्तर में बच्चों की तस्वीरों भरा लेटर भेजा था. इसमें उसने अपने कारनामों का पूरा ब्योरा दिया था.
अखबार के क्राइम रिपोर्टर जमील चिश्ती ने जब इस मामले की जांच की तो उनके होश उड़ गए थे. वो लेटर में लिखे पते वाले घर पर पहुंचे तो उन्हें बच्चों के कपड़े और जूते गट्ठरों में बंधे मिले थे. उन्हें वहां एक कनस्तर भी मिला इसमें एसिड में डूबे बच्चों के आधे गले अंग थे.
इस खबर को अखबार के फ्रंट पेज पर छापा गया था. इस खबर के आने के बाद पता चल की जावेद इकबाल ने एक महीने पहले पुलिस को भी पत्र लिखा था.
जावेद ने मीडिया को इंटरव्यू भी दिया था. इसमें उनसे अपने सभी गुनाहों को कुबूल करने के बाद कहा था कि मुझे आर्मी पकड़वाना, क्योंकि पुलिस पर मुझे भरोसा नहीं.
जनवरी 2000 में अदालत ने जावे इकबाल को क्रूर सजा सुनाई थी. जज ने कहा था कि उसे फांसी दी जाएगी, जिसके बाद उसके शरीर के 100 टुकड़े तक एसिड में डाले जाएंगे.
जो जावेद ने उन बच्चों के साथ किया, वही सलूक उसके साथ भी होना था. हालांकि अक्टूबर 2001 में उसे जेल में मृत पाया गया था. कहा गया कि उसने फांसी लगा ली. हालांकि उसकी हत्या की अटकलें भी लगाई गई थीं.