2 DEC 2024
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प्रियंका चोपड़ा ने साल 2000 में मिस वर्ल्ड पेजेंट जीतकर देश का नाम रोशन किया था, लेकिन एक्ट्रेस की मां मधु चोपड़ा के मुताबिक वो भेदभाव का शिकार हुई थीं.
मधु ने बताया कि उनके अपने शहर बरेली में ही उनका वेलकम नहीं किया गया था, बल्कि इसे नारी शोषण का नाम दिया गया था.
मधु बोलीं- पेजेंट जीतने के बाद वो पहली बार बरेली गई थी. तब लेकिन बड़ी गलत हवा चली थी कि ब्यूटी पेजेंट्स 'नारी शोषण' के लिए किया जाता है.
लोग ऐसे कम्पीटीशन में महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करते हैं, उन्हें शर्मिंदा करते हैं. तब वो मानते थे कि ये सब अच्छा नहीं होता.
मधू आगे बोलीं- लेकिन प्रियंका ने मिस वर्ल्ड जीता था, बरेली में लोग उसका वेलकम करने को तैयार नहीं थे. एक पब्लिकेशन को उसकी वेलकम पार्टी के लिए परमिशन लेनी पड़ी थी.
तो उन्हें आर्मी एरिया में, सिर्फ आर्मी वाले लोगों के साथ पार्टी करने की इजाजत दी गई थी. वहां कोई आम आदमी नहीं जा सकता था. इतना बड़ा टाइटल जीतने के बावजूद ये दशा थी.
मधू ने बताया कि उस वक्त प्रियंका की जीत कितनी बड़ी थी, दस साल में पहली बार कोई भारत से जीता था. उसके सपने बड़े थे, लेकिन उसके अपने राज्य ने ही उसका स्वागत नहीं किया था.
मधु ने बताया कि बावजूद इसके वो टूटी नहीं थीं. क्योंकि उसने अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं किया था. तब हर जगह नारी शोषण किया जाता था. लेकिन उसने अपनी शर्तों पर जीत हासिल की थी.
मधु ने कहा कि हर चीज के दो पहलू होते हैं, कई ऐसी लड़किया भी हैं जो समझौता कर लेती हैं. लेकिन इज्जत से आगे बढ़ने के लिए आपको स्ट्रॉन्ग रहना जरूरी है.