11 May 2024
Credit: Social Media
रत्ना पाठक और नसीरुद्दीन शाह बॉलीवुड के पावर कपल हैं. दोनों की शादी को करीब 42 साल हो चुके हैं.
रत्ना पाठक हिंदू परिवार से हैं, जबकि नसीरुद्दीन शाह मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखते हैं. लेकिन दोनों के रिश्ते में धर्म कभी दीवार नहीं बना.
रत्ना पाठक ने अब लेटेस्ट इंटरव्यू में बताया है कि उनकी इंटरफेथ मैरिज पर परिवार के लोगों ने कैसे रिएक्ट किया था.
Hauterrfly संग बातचीत में रत्ना पाठक ने कहा- मेरे पिता इस शादी से पूरी तरह से खुश नहीं थे, लेकिन दुर्भाग्य से शादी से पहले ही उनका निधन हो गया था. मेरी मां और नसीर का रिश्ता भी ज्यादा खास नहीं था, लेकिन बाद में वो दोनों दोस्त बन गए.
रत्ना पाठक ने ये भी बताया कि नसीरुद्दीन शाह के परिवार ने कभी उनसे उनका धर्म बदलने को नहीं कहा. वो जैसी थीं, उन्हें वैसे ही अपनाया.
एक्ट्रेस बोलीं- नसीर की फैमिली ने शादी में बिल्कुल भी अड़चन नहीं डाली. परिवार ने भी धर्म परिवर्तन का जिक्र भी नहीं किया.
किसी ने कभी मेरे बारे में कुछ भी नहीं कहा. मैं जैसी थी उन्होंने मुझे वैसे ही स्वीकार किया. मैं खुद को बहुत ज्यादा लकी मानती हूं, क्योंकि मैंने कई लोगों से सुना है कि उन्हें सेटल होने में कितनी मुश्किल आई.
ससुराल वालों संग मेरा दोस्ती का रिश्ता रहा है. मेरी सास बहुत ज्यादा घरेलू किस्म की इंसान थीं, लेकिन हर सिचुएशन में वो आजाद ख्याल रखती थीं.
रत्ना पाठक और नसीरुद्दीन शाह को एक साथ करीब 4 दशक से ज्यादा का समय हो चुका है. ऐसे में एक्ट्रेस से पूछा गया कि सक्सेफुल मैरिज का क्या सीक्रेट है?
इसपर रत्ना ने कहा- एक दूसरे की सुनें, बल्कि एक दूसरे से बातें करें. मैं अपने स्ट्रगल्स से ज्यादा उनके स्ट्रगल्स की इज्जत करती हूं, क्योंकि वो एक बहुत ही ट्रेडिशनल बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते हैं.
हमारे रिश्ते की शुरुआत में ही नसीर ने मुझसे कह दिया था कि कभी भी किसी रिश्ते को हसबैंड, वाइफ, गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड का नाम ना दें. खुशी की बात है कि इस चीज ने हमारी मदद की.
रत्ना पाठक के वर्क फ्रंट की बात करें तो कुछ समय पहले वो फिल्म 'धक-धक' में दिखी थीं. जाने तू या जाने ना, गोलमाल 3, खूबसूरत जैसी फिल्मों में भी उन्होंने शानदार काम किया है.