अश्लील गानों के मिले ऑफर, शारदा ने क्यों बनाई दूरी? बनीं बिहार की कोकिला

6 NOV 2024

Credit: Instagram

बिहार की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा भले ही इस दुनिया को अलविदा कह जा चुकी हैं लेकिन अपने सुरों से वो आज भी हर दिल में जिंदा हैं. 

छठ गानों के लिए मशहूर शारदा 

भोजपुरी गानों को अक्सर अश्लीलता की कैटेगरी में डाला जाता है लेकिन शारदा ने बिहार से होने के बावजूद कभी आधुनिक गानों की राह नहीं पकड़ी.

शारदा के मुताबिक उन्होंने अपने स्वार्थ को कभी इतना ऊंचा नहीं किया कि ऐसे गानों की जरूरत पड़े. वो संस्कृति को बढ़ावा देने में विश्वास रखती थीं. 

आजतक से बातचीत में शारदा ने कहा था कि वो किस्मत सौभाग्य है हमारा. ये लोगों का प्यार है हमारे लिए जो साथ बना रहा सबका. ये प्यार ये प्रेरणा बनी रही. 

मेरा सोचना था कि हम कम गाएं लेकिन हमेशा अच्छा गाएं. हमेशा हमने इसी पर ध्यान दिया कि अच्छी चीज गाएं, जिससे हमें और हमें सुनने वालों को अच्छा लगे. 

कुछ प्रेरणा मिले. हमारी आने वाली पीढ़ी कल को ये ना सोचे कि हमारा जो लोक संगीत है हमारी जो संस्कृति वो ऐसी ही है. जैसा कि अश्लील लोग समझते हैं. 

क्योंकि कोई आगे बढ़कर अगर ऐसा नहीं करे तो सबको यही समझ में आएगा कि यही हमारी संस्कृति है. इसलिए हमने कभी कोई ऐसी कोशिश नहीं की, मैंने वक्र स्वर को कभी छोड़ा नहीं है. 

शारदा ने आगे बताया था कि कैसे सूरज बड़जात्या के भाईयों ने उन्हें महाकवि विद्यापति की रचनाओं को सुनने के बाद चिट्ठी लिखी थी. तब उनकी बॉलीवुड में एंट्री हुई.

शारदा ने रिवील किया कि 'मैंने प्यार किया' का नाम पहले 'प्यार का वरदान' होना था. इसके कहे तोसे सजना गाने के लिए उन्हें साइन किया गया था.