20 FEB
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महाकुंभ 2025 में टीवी एक्ट्रेस स्मिता सिंह ने कल्पवासी जीवन जिया. लग्जरी लाइफस्टाइल छोड़कर सादगी से भरे दिन काटे.
अपना सारा काम खुद किया. वो घास पर सोईं. एक छोटी सी कुटिया में रहीं. अपने कपड़े धोए, झाड़ू लगाया, बर्तन मांजे. सात्विक खाना पकाया और खाया.
इस दौरान स्मिता ने नागा साधुओं से ज्ञान लिया. अखाड़ों में जाकर साधु-संतों के बीच अपनी जिंदगी के चंद दिन जिए. संगम में डुबकी लगाई.
करीब 1 महीने से ज्यादा महाकुंभ में रहने के बाद वो प्रयागराज छोड़ रही हैं. साधु की तरह जिंदगी काटने के बाद वो घर लौट रही हैं.
उन्होंने इंस्टा पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो इमोशनल दिखीं. वो कहती हैं- रोना निकल रहा है. 1 महीने से ऊपर यहां रहे. कल्पवास खत्म हो चुका है. जाने का समय आ चुका है.
प्रयाग की नगरी में साधु की तरह जिंदगी काटी. लग्जरी त्यागकर छोटी सी कुटिया में रहना है. सारे काम खुद करने हैं. कभी नहीं सोचा था इतना प्यार मिलेगा.
नागा बाबा जहां सबको भगा रहे थे. वहीं उन्होंने मुझे बुलाकर बैठाया. उनके साथ 20-25 कप चाय पी. उन्होंने आशीर्वाद दिया. भस्म दी.
इतनी रहस्यमयी चीजें देखीं. पता नहीं गंगा मैया ने मुझे क्यों चुना. यहां आने का मौका मिला. इतने अच्छे से गंगा स्नान किया जैसे वो मेरा पर्सनल गंगा घाट है.
उसी घाट पर रामभद्राचार्य जी भी स्नान कर रहे हैं. पता नहीं ये मैजिक कैसे हुआ. वापस जाने में तकलीफ हो रही है. यहां से आध्यात्म का खजाना लेकर जा रहे हैं.
सबसे बड़ी बात ये है कि मुझे स्वामी अवधेशानंद जी से दीक्षी मिल गई. मैं कैसे इतनी लकी हो सकती हूं. मुझे कोई आइडिया नहीं है.
स्मिता सिंह ने भाग्यविधाता, वो रहने वाली महलों की, कुसुम, कहानी घर घर की, थपकी प्यार की, हिटलर दीदी जैसे शोज में काम किया है.